पटना, 28 मई (आईएएनएस)। सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बिहार के चर्चित ठेकेदार ऋषु श्री को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले एसवीयू ने पटना स्थित उनके आवास पर लंबी छापेमारी की थी।
![]()
पटना, 28 मई (आईएएनएस)। सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने बिहार के चर्चित ठेकेदार ऋषु श्री को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले एसवीयू ने पटना स्थित उनके आवास पर लंबी छापेमारी की थी।
सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी अभियान करीब 15 घंटे तक चला, जिसमें करोड़ों रुपये की संपत्ति और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। छापेमारी बुधवार को शुरू हुई थी।
एसवीयू को कार्रवाई के दौरान लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे, सोने और चांदी के आभूषण, करीब 2.5 लाख रुपये नकद, चांदी के बर्तन, 61 भूमि संबंधी दस्तावेज, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं।
एसवीयू के एक अधिकारी ने बताया कि जब्त दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और इनके आधार पर कथित घोटाले के नेटवर्क से जुड़े अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि ठेकेदार ने लंबे समय तक विभिन्न सरकारी विभागों में टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर अनुचित तरीके से ठेके हासिल किए। एसवीयू सूत्रों के मुताबिक, पक्षपात और मिलीभगत के जरिए सरकारी अनुबंध प्राप्त किए गए।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने टेंडर आवंटन को प्रभावित किया और बदले में कुछ अधिकारियों तथा उनके परिजनों की विदेश यात्राओं का खर्च उठाया गया। अब जांच का दायरा बढ़ाकर उन विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है, जिनके ठेकेदार से संबंध होने की आशंका है।
वहीं, ईडी भी पीएमएलए कानून के तहत मामले की जांच कर रही है। ईडी पहले ही आरोपी ठेकेदार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ और जब्त साक्ष्यों की पुष्टि होने पर आने वाले दिनों में कई सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
इस बीच आरोपी ठेकेदार ने राहत की मांग को लेकर गुरुवार को पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि, अदालत ने चल रही जांच में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिससे जांच एजेंसियों का पक्ष और मजबूत हो गया है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद जांच एजेंसियों ने विभिन्न विभागों में टेंडर आवंटन प्रक्रिया की जांच और तेज कर दी है।
--आईएएनएस
डीएससी
Leave A Reviews