Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

बीजेडी ने बाढ़ पर ओडिशा सरकार की 'देरी से' की गई कार्रवाई की आलोचना की


भुवनेश्वर, 2 अगस्त (आईएएनएस)। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने रविवार को आरोप लगाया कि ओडिशा सरकार ने हालिया बाढ़ की स्थिति पर बहुत देर से प्रतिक्रिया दी। पार्टी का दावा है कि प्रशासन को संकट की गंभीरता का एहसास तब हुआ जब मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी नई दिल्ली से वापस लौटे।

भुवनेश्वर, 2 अगस्त (आईएएनएस)। विपक्षी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने रविवार को आरोप लगाया कि ओडिशा सरकार ने हालिया बाढ़ की स्थिति पर बहुत देर से प्रतिक्रिया दी। पार्टी का दावा है कि प्रशासन को संकट की गंभीरता का एहसास तब हुआ जब मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी नई दिल्ली से वापस लौटे।

क्षेत्रीय दल ने दावा किया कि जिस समय बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई थी, उस समय मुख्यमंत्री वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में थे। परिणामस्वरूप, बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आवश्यक प्रशासनिक तत्परता दिखाई नहीं दी।

बीजेडी के प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन मोहंती ने प्रेस बयान में कहा कि विपक्षी दल की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद राज्य सरकार ने अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई, जिसमें कहा गया था कि लगातार बारिश ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर स्तर पर पहुंचा दिया है।

बीजेडी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक, बाढ़ में सात लोगों की जान चली गई, 1,380 पालतू जानवर मारे गए और हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की विलंबित प्रतिक्रिया के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

उन्‍होंने कहा, "बीजेडी और अन्य विपक्षी दलों ने बार-बार यह बताया कि बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है, लेकिन राज्य सरकार ने वास्तविकता को नहीं समझा। मुख्यमंत्री के दिल्ली से लौटने और बाढ़ की गंभीरता को समझने के बाद ही उन्होंने कुछ मंत्रियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए नियुक्त किया।

सरकार द्वारा संकट से निपटने के तरीके पर सवाल उठाते हुए डॉ. मोहंती ने कहा कि समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप से नुकसान को कम किया जा सकता था और संभवतः जानमाल का नुकसान रोका जा सकता था। उन्होंने बाढ़ आपातकाल के दौरान लोगों के साथ रहने के बजाय वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ दिल्ली में रहने के मुख्यमंत्री के फैसले के औचित्य पर भी सवाल उठाया।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने शनिवार को बाढ़ और लगातार बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्यों की देखरेख के लिए वरिष्ठ मंत्रियों को नियुक्त किया।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News