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ब्लड शुगर से इम्युनिटी तक में फायदेमंद, शहतूत की पत्तियों में छिपे हैं कई औषधीय गुण


नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। गर्मियों के मौसम में मिलने वाला शहतूत स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल माना जाता है। इसके मीठे और रसीले फल लोगों को खूब पसंद आते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शहतूत फल के साथ ही इसकी पत्तियां भी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं।

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। गर्मियों के मौसम में मिलने वाला शहतूत स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल माना जाता है। इसके मीठे और रसीले फल लोगों को खूब पसंद आते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि शहतूत फल के साथ ही इसकी पत्तियां भी पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं।

आयुर्वेद के अनुसार, शहतूत की पत्तियों में ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। बिहार सरकार के वन, जलवायु एवं पर्यावरण विभाग के मुताबिक, शहतूत का पेड़ न केवल स्वादिष्ट फल देता है, बल्कि इसकी पत्तियां भी औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। शहतूत का वैज्ञानिक नाम ‘मोरस इंडिका’ है। यह तेजी से बढ़ने वाला मध्यम आकार का पेड़ होता है, जिसकी ऊंचाई सामान्य तौर पर 10 से 15 मीटर तक पहुंच जाती है।

शहतूत के फल सफेद, गुलाबी और गहरे बैंगनी रंग के होते हैं। लोग इन्हें ताजा खाने के अलावा जूस, जेली, मुरब्बा और सूखे मेवे के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं। इन फलों में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। माना जाता है कि शहतूत का सेवन पाचन को बेहतर बनाने, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और खून को साफ रखने में मदद करता है। आयुर्वेद में भी इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि शहतूत की पत्तियां भी सेहत के लिए बेहद उपयोगी हैं। इन पत्तियों में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इन्हें चाय, पाउडर और कुछ जगहों पर सब्जी के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि शहतूत की पत्तियों का सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार हो सकता है।

शहतूत का पेड़ स्वास्थ्य के साथ-साथ रेशम उद्योग के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रेशम के कीड़े इसकी पत्तियां खाकर ही रेशम तैयार करते हैं। यही कारण है कि भारत में बड़े पैमाने पर शहतूत की खेती की जाती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं।

पर्यावरण के लिहाज से भी शहतूत का पेड़ काफी उपयोगी माना जाता है। यह तेजी से बढ़ता है और मिट्टी को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि प्राकृतिक फलों और पौधों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करना शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है। शहतूत और इसकी पत्तियां भी इन्हीं प्राकृतिक उपहारों में से एक मानी जाती हैं।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

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