नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर हुए भारी हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बाद बड़ी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है।
![]()
नई दिल्ली, 4 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर हुए भारी हंगामे और विरोध-प्रदर्शन के बाद बड़ी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले के आरोपी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया है।
यह पूरा मामला एक वायरल वीडियो के बाद सुर्खियों में आया था, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज खुद दावा कर रहा था कि उसने सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था। वीडियो में उसने डींग मारते हुए कहा था कि दिल्ली पुलिस ने उसके राजनीतिक संबंधों की वजह से उसे छोड़ दिया।
वायरल क्लिप में भारद्वाज कथित तौर पर कह रहा है कि संजय कुमार के सिर पर गंभीर चोट आई और उन्हें 60 टांके लगे। इस वीडियो के सामने आने के बाद सीजेपी और कई विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। संगठन का कहना था कि राजधानी के बीचों-बीच एक दलित परिवार पर हमला हुआ और आरोपी खुलेआम घूम रहा है।
इसी को लेकर शुक्रवार को सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 72 घंटे के अंदर आरोपी को पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और हत्या की कोशिश की धाराओं में गिरफ्तार करने का भरोसा दिया था।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि संगठन ने पुलिस के सामने कई मांगें रखीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संजय कुमार के सिर में इतनी गंभीर चोट लगी है तो एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा क्यों नहीं लगाई गई। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में हत्या के प्रयास का दावा किया है, इसलिए मामले में संबंधित धारा जोड़नी चाहिए।
संगठन ने दलित परिवार से जुड़ा मामला होने के कारण एससी-एसटी एक्ट की धाराओं को सख्ती से लागू करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अपनी कानूनी टीम भेजी, जबकि सीजेपी के वकील प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल डीसीपी से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई की मांग की।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
Leave A Reviews