
छतरपुर जिले में स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल बागेश्वर धाम में बुधवार को आरती के समय एक दर्दनाक हादसा हो गया। गदा स्थल के समीप चल रही आरती के दौरान एक महिला श्रद्धालु की साड़ी नीचे रखे दीपक की लौ की चपेट में आ गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे महिला बुरी तरह झुलस गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और सेवादारों में अफरा-तफरी मच गई।
घायल महिला की पहचान मंगला देवी (46), पति महेंद्र के रूप में हुई है, जो बिहार के करियाघाट गांव (थाना पठिया) की रहने वाली हैं। वह अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम में दर्शन और अर्जी लगाने आई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरती के समय गदा स्थल के पास फर्श पर दीपक रखे हुए थे। भीड़ और असावधानी के कारण मंगला देवी की साड़ी का पल्लू दीपक की लौ को छू गया और पलक झपकते ही आग उनके शरीर के ऊपरी हिस्से तक फैल गई।
हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं और धाम के सेवादारों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। लोगों ने तत्काल कंबल और अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा अनिष्ट होने से बच गया। धाम प्रबंधन ने बिना समय गंवाए निजी वाहन की मदद से महिला को जिला अस्पताल छतरपुर पहुँचाया, जहाँ उन्हें विशेष 'बर्न वार्ड' में भर्ती किया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार, महिला के हाथ, पैर और पीठ का हिस्सा काफी गहराई तक झुलस गया है। अस्पताल के बर्न विशेषज्ञ उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, हालांकि उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दीप प्रज्वलन और आरती के समय विशेष सावधानी बरतें।
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