
नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर “क्लीन चिट” दे दी, जिसे पार्टी ने राष्ट्रविरोधी बताया।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को प्रेस बयान और सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बिश्केक में एससीओ बैठक के दौरान राजनाथ सिंह के बयान से यह संदेश गया कि पाकिस्तान की भूमिका को हल्का करके प्रस्तुत किया गया है।
कांग्रेस ने उठाए तीखे सवाल
जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि “आतंकवाद की कोई राष्ट्रीयता या धर्म नहीं होता।” इस पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र नहीं है?
उन्होंने कई सवाल खड़े करते हुए कहा कि क्या भारत को निशाना बनाने वाले आतंकी शिविर पाकिस्तान में मौजूद नहीं हैं? क्या मुंबई और पहलगाम जैसे आतंकी हमलों में पाकिस्तान से जुड़े तत्वों की भूमिका नहीं रही?
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान को लेकर सरकार का यह रुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका के प्रति तुष्टिकरण और चीन के प्रति संतुलित रुख अपनाया जा रहा है।
‘राष्ट्रविरोधी’ बयान का आरोप
जयराम रमेश ने कहा कि रक्षा मंत्री का यह बयान “चौंकाने वाला” है और इसे उन्होंने 19 जून 2020 को चीन को लेकर दिए गए प्रधानमंत्री के कथित बयान से भी जोड़ा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान देश की सुरक्षा चिंताओं को कमजोर करते हैं।
राजनाथ सिंह का पक्ष
हालांकि, एससीओ सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने बिना किसी देश का नाम लिए आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने एससीओ सदस्य देशों से अपील की कि राज्य प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद को नजरअंदाज न किया जाए और इस मुद्दे पर किसी भी तरह के दोहरे मापदंड से बचा जाए।
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