Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

दक्षिण कोरिया: राष्ट्रपति ली ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व्यवस्था कायम करने का संकल्प दोहराया


सोल, 2 सितंबर (आईएएनएस)। नॉर्थ कोरिया के प्रति नरम होते अमेरिकी रवैए के बीच दक्षिण कोरिया ने फिर शांति स्थापित करने की बात कही है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने बुधवार को कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति व्यवस्था कायम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने शांति स्थापित करने के लिए उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू कराने में मदद करने का भी दावा किया।

सोल, 2 सितंबर (आईएएनएस)। नॉर्थ कोरिया के प्रति नरम होते अमेरिकी रवैए के बीच दक्षिण कोरिया ने फिर शांति स्थापित करने की बात कही है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने बुधवार को कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति व्यवस्था कायम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने शांति स्थापित करने के लिए उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू कराने में मदद करने का भी दावा किया।

राष्ट्रपति ने सोल के पश्चिम में इंचियोन में 'पीसफुल यूनिफिकेशन एडवाइजरी काउंसिल' (एकीकरण पर राष्ट्रपति की सलाहकार संस्था) की अमेरिकी इकाई की बैठक के दौरान इस प्रतिबद्धता को दोहराया।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 15 अगस्त को 'लिबरेशन डे' के भाषण में ली ने प्रस्ताव दिया था कि दोनों कोरियाई देश अपने लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने और प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के व्यावहारिक तरीकों पर बातचीत शुरू करें। उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व्यवस्था स्थापित करने संकल्प भी लिया था।

1950-1953 के कोरियाई युद्ध के बाद से ही दोनों कोरियाई देश तकनीकी रूप से संघर्षरत हैं, क्योंकि यह युद्ध किसी शांति संधि के बजाय केवल युद्धविराम समझौते (आर्मिस्टिस) के साथ समाप्त हुआ था।

ली ने सभा को संबोधित करते हुए कहा था, "घरेलू राजनीति में बदलाव या अंतरराष्ट्रीय स्थिति में परिवर्तन के कारण तनाव को फिर से बढ़ने से रोकने के लिए, हमें संघर्ष और टकराव पर आधारित युद्धविराम समझौते को सहयोग और समृद्धि पर आधारित शांति व्यवस्था से बदलना चाहिए।"

राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों कोरियाई देश अनावश्यक टकराव में अपनी ऊर्जा बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक "दुर्भाग्यपूर्ण" और "दुखद" वास्तविकता बताते हुए इस स्थिति को बदलने पर जोर दिया था।

उन्होंने उत्तर कोरिया के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए अपने तीन-सूत्रीय कार्य-योजना को दोहराया, जिसे उन्होंने 'लिबरेशन डे' के भाषण में पेश किया था। इस योजना में समावेशी, स्थिर और जिम्मेदार दृष्टिकोण शामिल हैं।

ली ने कहा, "समावेशी शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए, (दक्षिण और उत्तर कोरिया को) एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। शांति तब शुरू होती है जब वे अपने मतभेदों का सम्मान करते हैं, न कि तब जब सभी एक जैसा सोचते हैं।"

ली ने जोर दिया कि उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच बातचीत फिर से शुरू करने का रास्ता सोल को ही बनाना चाहिए, क्योंकि उनकी सरकार अंतर-कोरियाई संबंधों में लंबे समय से चली आ रही दरार को ठीक करने के लिए प्योंगयांग के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फिर से शुरू हुई बातचीत का लाभ उठाना चाहती है।

उन्होंने बैठक में कहा, "चूंकि राष्ट्रपति ट्रंप के दृढ़ संकल्प से कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति में बदलाव की संभावना बनी है—चाहे वह कितनी भी छोटी क्यों न हो—इसलिए हमें अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच विश्वास बनाने और बातचीत फिर से शुरू करने पर रचनात्मक चर्चा के लिए माहौल तैयार करना चाहिए।"

राष्ट्रपति ने आगे कहा, "कोरियाई प्रायद्वीप में शांति सुनिश्चित करना केवल हमारे लिए ही मुद्दा नहीं है। यह पूर्वोत्तर एशिया की सुरक्षा और दुनिया में शांति सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण कार्य है।"

--आईएएनएस

केआर/

Share:

Leave A Reviews

Related News