
दमोह शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सिविल वार्ड क्रमांक दो स्थित इंदिरा कॉलोनी में शुक्रवार रात बच्चों के खेल-खेल में हुआ मामूली विवाद एक बड़े खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। देखते ही देखते दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड चलीं। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के महिलाओं सहित कुल आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए और दोनों पक्षों की परस्पर विरोधी शिकायतों के आधार पर मामले की क्रॉस जांच शुरू कर दी है।
घटना को लेकर पहले पक्ष की घायल सविता रैकवार ने मप्र पुलिस और मीडिया के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सविता के अनुसार, शुक्रवार की शाम उनके बच्चे घर के पास मैदान में खेल रहे थे, जहाँ दूसरे पक्ष के बच्चों से उनका किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हो गई थी। तब तो मामला शांत हो गया, लेकिन कुछ समय बाद दूसरे पक्ष के धर्मेंद्र राठौर, सुनील राठौर, प्रेम राठौर सहित अन्य लोग लामबंद होकर उनके घर धमक पड़े।
सविता का आरोप है कि इन लोगों ने उनके घर में जबरन घुसकर गाली-गलौज शुरू कर दी और जब उनके परिवार ने विरोध किया, तो उन्होंने डंडों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में सविता रैकवार के बेटे आंसू रैकवार, मयंक रैकवार और रिश्तेदार दीपेश राजपूत को गंभीर चोटें आई हैं।
वहीं दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के घायल गोकुल राठौर ने घटना की एक अलग ही कहानी बयां की है। गोकुल के मुताबिक, उनके परिवार के छोटे बच्चे मैदान में खेल रहे थे, तभी पहले पक्ष का दीपेश राजपूत अपनी मोटरसाइकिल को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए वहां पहुंचा। बाइक की चपेट में आने से उनके एक मासूम भतीजे को टक्कर लग गई और वह चोटिल हो गया।
गोकुल राठौर ने बताया कि इस दुर्घटना की शिकायत करने जब उनके परिवार के कुछ सदस्य दीपेश के घर गए थे, तो वहां पहले पक्ष के लोगों ने उनके साथ बदसलूकी और कहासुनी की। गोकुल का आरोप है कि इसके कुछ ही देर बाद पहले पक्ष के लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पर चढ़ आए और उनके परिवार पर हमला बोल दिया। राठौर परिवार का कहना है कि इस हमले में सील रानी राठौर के सिर पर गंभीर चोट आई है, जबकि प्रेम राठौर, धर्मेंद्र राठौर और गोकुल खुद घायल हुए हैं।
शुक्रवार देर रात हुए इस पथराव और लाठी चलने की घटना के बाद इंदिरा कॉलोनी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दोनों पक्षों के घायल सदस्य अलग-अलग समय पर लहूलुहान हालत में स्वयं और स्थानीय लोगों की मदद से दमोह जिला अस्पताल पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों की टीम द्वारा सभी का आपातकालीन उपचार (Emergency Treatment) शुरू किया गया।
कोतवाली पुलिस का आधिकारिक बयान: "इंदिरा कॉलोनी में बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट की सूचना मिली थी। कोतवाली पुलिस की टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर दोनों पक्षों के घायलों के प्राथमिक बयान दर्ज कर लिए हैं। घटना में दोनों ही पक्षों के लोग घायल हुए हैं, इसलिए दोनों पक्षों की लिखित शिकायतों के आधार पर मर्ग और क्रॉस कायमी की प्रक्रिया की जा रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और विस्तृत जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"
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