
उमरिया जिले से वन्यजीव की मौत की खबर सामने आई है। घुनघुटी वन परिक्षेत्र अंतर्गत कक्ष क्रमांक 233 के जंगल में सोमवार को एक तेंदुए का शव बरामद किया गया। जंगल में वन्यजीव की असामान्य मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू किया था, जहां झाड़ियों के बीच तेंदुआ बेसुध हालत में पड़ा नजर आया। काफी समय तक शरीर में कोई हरकत न होने पर अधिकारियों ने नजदीक जाकर जांच की, जिसमें उसकी मौत की पुष्टि हुई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। सूचना पाते ही डीएफओ विवेक सिंह और एसडीओ दिगेंद्र पटेल विशेष दल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। वन विभाग की डॉग स्क्वाड टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जिसने आसपास के पूरे इलाके में छानबीन कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
डॉग स्क्वाड और वन अमले द्वारा की गई पड़ताल के दौरान घटनास्थल के पास ही बाघ के पगमार्क (पैरों के निशान) पाए गए हैं। पशु चिकित्सकों की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए के शव का प्राथमिक मुआयना किया और उसे विधिवत अपने कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सटीक कारणों और समय की विस्तृत तकनीकी पुष्टि हो सके।
एसडीओ दिगेंद्र पटेल ने घटना की पुष्टि करते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि तेंदुए की जान आपसी संघर्ष (टेरिटोरियल फाइट) के चलते गई है।
जंगल में अन्य बड़े वन्यजीव या बाघ के साथ इलाके के वर्चस्व को लेकर हुई भिड़ंत में तेंदुआ गंभीर रूप से जख्मी हो गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। वन विभाग का दल क्षेत्र में गश्त बढ़ा चुका है और पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है।
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