संभल, 10 सितंबर (आईएएनएस)। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों को मांसाहारी भोजन से परहेज करने की सलाह वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को सिद्ध महापुरुष और ख्याति प्राप्त संत बताते हुए उनके बयान पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया। साथ ही, उन्होंने हिंदू समाज से अपने बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर फैसला करने की अपील की। इसके अलावा, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी के पोस्टर में 'जन-जन का जनादेश, बदलेगा उत्तर प्रदेश' लिखे जाने पर अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी के 'जेन जी' से जुड़े कार्यक्रम और छात्रों से मुलाकात के ऐलान पर भी कांग्रेस नेता को निशाने पर लिया।
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संभल, 10 सितंबर (आईएएनएस)। कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों को मांसाहारी भोजन से परहेज करने की सलाह वाले बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को सिद्ध महापुरुष और ख्याति प्राप्त संत बताते हुए उनके बयान पर सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया। साथ ही, उन्होंने हिंदू समाज से अपने बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर फैसला करने की अपील की। इसके अलावा, आचार्य प्रमोद कृष्णम ने समाजवादी पार्टी के पोस्टर में 'जन-जन का जनादेश, बदलेगा उत्तर प्रदेश' लिखे जाने पर अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने राहुल गांधी के 'जेन जी' से जुड़े कार्यक्रम और छात्रों से मुलाकात के ऐलान पर भी कांग्रेस नेता को निशाने पर लिया।
धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों से मांसाहारी भोजन नहीं खाने की अपील किए जाने के सवाल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री एक सिद्ध महापुरुष और प्रसिद्ध संत हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम को भी पूजनीय स्थान बताते हुए कहा कि शास्त्री ने जो कहा है, वह उनका अनुभव और विचार है। इस दौरान हिंदू समाज को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सनातन प्रेमी हिंदुओं को तय करना होगा कि वे अपने बच्चों को किस तरह का जीवन और संस्कार देना चाहते हैं। उन्होंने अपने बयान में बच्चों की परवरिश को 'बैल' और 'शेर' के उदाहरण से समझाने की कोशिश की।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि हिंदुओं को यह फैसला करना है कि उनके बच्चे किस तरह के बनेंगे। उन्होंने कहा कि मजबूत और साहसी पीढ़ी देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएगी तथा राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ आगे बढ़ेगी। उन्होंने इसी संदर्भ में वंदे मातरम का भी उल्लेख किया।
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी मुख्यालय के बाहर लगे पोस्टर पर 'जन-जन का जनादेश, बदलेगा उत्तर प्रदेश' लिखे होने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव एक सपना देख रहे हैं और यह सपना पहले भी कई बार देखा जा चुका है। 2017 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भी 'बदलेगा प्रदेश, आ रहे हैं अखिलेश' जैसे नारे लगाए गए थे। अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच हुए गठबंधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि दोनों नेताओं को चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
कृष्णम ने 2022 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि उस समय भी अखिलेश यादव ने सरकार बनाने का सपना देखा था, लेकिन उनके चाचा शिवपाल यादव से जुड़े घटनाक्रम ने उस समीकरण को प्रभावित किया। अब 2027 के लिए भी अखिलेश यादव इसी तरह का सपना देख रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को जरूरी मानती है। हालांकि यह उनका राजनीतिक आकलन है।
राहुल गांधी की ओर से छात्रों से दोबारा मुलाकात करने और 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों से संवाद करने की जानकारी दिए जाने पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी खुद यह नहीं जानते कि वह क्या करना चाहते हैं। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी को बागेश्वर धाम जाने की सलाह दी और कहा कि वहां बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री से उनकी 'पर्ची' निकलवानी चाहिए। कृष्णम ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि संभव है कि ऐसा करने से राहुल गांधी को 'सद्बुद्धि' आ जाए।
--आईएएनएस
पीएसके
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