नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात में अमरेली साइबर क्राइम पुलिस ने पुलिस और बैंकिंग सिस्टम के साथ मिलकर कुछ ही हफ्तों में सिडनी में रहने वाले एक भारतीय नागरिक से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामले को सुलझाया और 11 लाख रुपए बरामद किए।
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नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात में अमरेली साइबर क्राइम पुलिस ने पुलिस और बैंकिंग सिस्टम के साथ मिलकर कुछ ही हफ्तों में सिडनी में रहने वाले एक भारतीय नागरिक से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के मामले को सुलझाया और 11 लाख रुपए बरामद किए।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रहने वाले भारतीय नागरिक सौरभ जॉली को उनके पैसे वापस मिल गए। उन्होंने जून में अमरेली पुलिस से ईमेल के जरिए संपर्क किया था, क्योंकि उन्होंने सोना खरीदने के लिए पेमेंट किया था, लेकिन उन्हें सोना कभी नहीं मिला।
अमरेली के पुलिस अधीक्षक संजय खरात के अनुसार, मूल रूप से नई दिल्ली के रहने वाले जॉली ने अप्रैल में सोना खरीदने के लिए अमरेली के एक व्यक्ति को 11 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे।
पेमेंट करने के बावजूद उन्हें सोना नहीं मिला और विदेश में होने के कारण उन्हें यह पक्का नहीं था कि उनकी शिकायत का जल्द समाधान हो पाएगा या नहीं।
खरात ने कहा, "जैसे ही हमें ईमेल से उनकी शिकायत मिली, हमने तुरंत जांच शुरू की और उन्हें पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया। हमारी साइबर क्राइम टीम ने संबंधित बैंक के साथ तालमेल बैठाया, मामले पर लगातार नजर रखी और जांच के दौरान शिकायतकर्ता को जानकारी देती रही।"
जांच के बाद11 लाख रुपए वापस मिल गए, जो जॉली के बैंक खाते में जमा कर दिए गए।
अमरेली साइबर क्राइम पुलिस के इंस्पेक्टर कमलेश खटाना ने बताया कि पैसे पाने वाला व्यक्ति अमरेली का रहने वाला था, इसलिए ऑस्ट्रेलिया में होने के बावजूद जॉली ने जिला पुलिस से संपर्क किया।
खटाना ने कहा, "शिकायत मिलने के बाद हमने मामले पर कार्रवाई की और पैसे पाने वाले से पैसे वापस करने को कहा। आखिरकार उसने जुलाई में पूरी रकम वापस कर दी।"
जॉली ने पुलिस अधीक्षक को लिखे एक पत्र में मामले को संभालने के लिए पुलिस का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा, "हजारों किलोमीटर दूर होने के बावजूद मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं जांच से अलग-थलग हूं। टीम की तेजी से बातचीत, मेरे सवालों के जवाब देने में धैर्य और व्यवस्थित तरीके से काम करने से मेरा भरोसा बढ़ा।"
उन्होंने यह भी कहा कि इस अनुभव ने पुलिसिंग सिस्टम में उनका भरोसा मजबूत किया और अमरेली साइबर क्राइम टीम के काम को इस बात का उदाहरण बताया कि कैसे तेजी से और पूरी लगन से की गई पुलिसिंग साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती से निपटने के साथ-साथ जनता का भरोसा बहाल करने में मदद कर सकती है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब गुजरात पुलिस को उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने धोखाधड़ी के पीड़ितों को तुरंत मदद देने और उनकी मेहनत की कमाई को वापस पाने और सुरक्षित करने के लिए हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया है।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
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