सोल, 22 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के नए रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने मंगलवार को प्योंगयांग से अंतर-कोरियाई सीमा पर किलेबंदी रोकने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया पड़ोसी मुल्क की हरकतों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
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सोल, 22 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के नए रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने मंगलवार को प्योंगयांग से अंतर-कोरियाई सीमा पर किलेबंदी रोकने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया पड़ोसी मुल्क की हरकतों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
योनहाप न्यूज एजेंसी ने बताया कि कांग ने अपने पदभार संभालने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह टिप्पणी की। यह बयान ऐसे समय आया है जब सोमवार को पश्चिमी अंतर-कोरियाई सीमा पर सैन्य सीमांकन रेखा (एमडीएल) के दक्षिण में संदिग्ध बारूदी सुरंग विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैन्य अधिकारी घायल हो गए थे।
विस्फोट के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए जांच चल रही है। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट का कारण उत्तर कोरिया की ओर से दक्षिण कोरियाई हिस्से में कथित तौर पर अवैध रूप से बिछाई गई बारूदी सुरंग हो सकती है।
कांग ने कहा, ‘‘उत्तर कोरिया को अपनी सीमा किलेबंदी रोकनी चाहिए। निश्चित रूप से हमें इस बारे में आवाज उठानी होगी।’’
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया की सीमा मजबूत करने की गतिविधियों के कई अप्रत्यक्ष प्रभाव हो सकते हैं और यह विस्फोट भी उनमें से एक हो सकता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह उत्तर कोरिया की ओर से सीमा पर बाड़ लगाने और बारूदी सुरंगें बिछाने की गतिविधियों को लेकर कड़ा संदेश देंगे, तो कांग ने कहा कि वह इससे सहमत हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आप बार-बार कहते हैं कि जब उत्तर कोरिया की बात आती है तो हम बहुत सावधानी से कदम उठाते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। मैंने अपनी कंफर्मेशन हियरिंग (पुष्टि सुनवाई) के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि उत्तर कोरिया की सेना हमारी दुश्मन है।’’
हालांकि, कांग ने यह भी बताया कि दक्षिण कोरियाई सेना अभी यह पुष्टि नहीं कर पाई है कि संदिग्ध बारूदी सुरंग विस्फोट उसी स्थान पर हुआ, जहां उत्तर कोरिया द्वारा सीमा पार अवैध रूप से सुरंगें बिछाए जाने का संदेह है।
उन्होंने कहा कि मुख्य सवाल यह है कि जिस बारूदी सुरंग क्षेत्र की बात की जा रही है, जिस गश्ती मार्ग पर दक्षिण कोरियाई सैन्यकर्मी गए थे और जहां विस्फोट हुआ, क्या ये तीनों स्थान वास्तव में एक ही क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल सेना इसकी पुष्टि नहीं कर सकती और जांच का उद्देश्य इसी तथ्य का पता लगाना है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि सेना को विस्फोट स्थल की स्पष्ट तस्वीर या वीडियो भी अभी नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि बफर जोन के भीतर कठिन भूभाग के कारण घटनास्थल को देखना मुश्किल है।
उन्होंने कहा कि आदर्श स्थिति में घटना में शामिल सैन्यकर्मियों की याददाश्त के आधार पर यह पता लगाया जा सकता था कि वे किस रास्ते से गए थे, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह भी मुश्किल है। उनके मुताबिक फिलहाल इन तीनों स्थानों के एक-दूसरे से मेल खाने की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी है।
यह विस्फोट दोनों कोरियाई देशों को अलग करने वाली सैन्य सीमांकन रेखा के आसपास स्थित असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में हुआ। इसमें सेना की एक बटालियन के कमांडर गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि एक अन्य अधिकारी के पैर में फ्रैक्चर हुआ। तीसरे अधिकारी को भी चोट आई, हालांकि उनकी स्थिति अपेक्षाकृत कम गंभीर बताई गई।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) ने मंगलवार को बताया कि सैन्यकर्मी आगामी संयुक्त राष्ट्र कमान (यूएनसी) के फील्ड निरीक्षण की तैयारी के लिए रास्ता साफ कर रहे थे। इस निरीक्षण के दौरान डीएमजेड के दक्षिणी हिस्से में उन स्थानों की जांच की जानी थी, जहां उत्तर कोरियाई सैनिकों द्वारा युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाए जाने का संदेह है।
कांग ने अमेरिका के साथ युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण (ओपीकॉन) के हस्तांतरण की चल रही प्रक्रिया के बीच दोनों देशों के बीच ‘‘आपसी विश्वास’’ को भी महत्वपूर्ण बताया। वह दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त बल कमान के पूर्व उप-कमांडर रह चुके हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी सैन्य गठबंधन में दो पक्ष होते हैं और इसलिए हर चीज एक पक्ष की इच्छा के अनुसार नहीं हो सकती। उनके मुताबिक ओपीकॉन हस्तांतरण की तकनीकी शर्तों से अधिक महत्वपूर्ण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच आपसी विश्वास है।
कांग ने तकनीकी शर्तों को ‘‘विज्ञान’’ बताते हुए कहा कि संभव है कि उनमें से कुछ पहले ही पूरी हो चुकी हों, लेकिन इन शर्तों को संतोषजनक तरीके से पूरा हुआ मानने का निर्णय राजनीतिक विचार-विमर्श पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह विश्वास को विशेष महत्व देते हैं।
मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि नवंबर की शुरुआत में संभावित मंत्रीस्तरीय रक्षा वार्ता से पहले वह वाशिंगटन की यात्रा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है और आमने-सामने बैठक ही संवाद का एकमात्र माध्यम नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए विभिन्न विवरणों पर समन्वय करना होगा।
सेवानिवृत्त चार सितारा सेना जनरल कांग को राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 30 अगस्त को रक्षा मंत्री पद के लिए नामित किया था।
मंगलवार को उन्होंने रक्षा मंत्री के रूप में अपना आधिकारिक कार्यक्रम 'सोल नेशनल सिमेट्री' जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू किया। इसके बाद उन्होंने सेना के शीर्ष कमांडरों और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक की।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डीएमजेड में हुए हालिया विस्फोट का जिक्र करते हुए कांग ने दुश्मन की किसी भी उकसावे की कार्रवाई का ‘‘दृढ़ता से जवाब’’ देने का निर्देश दिया। उन्होंने सेना से लगातार कठिन प्रशिक्षण पर ध्यान देने और ‘‘प्रतिस्पर्धा में जीत हासिल करने’’ के लिए तैयार रहने को कहा।
उन्होंने संदिग्ध बारूदी सुरंग विस्फोट के कारणों की पूरी जांच करने और सभी संभावनाओं को खुला रखने का भी निर्देश दिया। साथ ही कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जरूरी कदम उठाने के लिए सेना पूरी तरह तैयार रहे।
--आईएएनएस
केआर/
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