Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

डीएमके नेता दुरई मुरुगन की पोती की शादी में वैदिक रीति-रिवाज पर विवाद, द्रविड़ विचारधारा पर उठे सवाल


चेन्नई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। डीएमके के महासचिव दुरई मुरुगन की पोती का चेन्नई में संपन्न हुआ विवाह समारोह द्रविड़ राजनीति के हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इसकी वजह यह है कि विवाह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया, जिसमें संस्कृत के वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी किया गया। यह शैली उस सादगीपूर्ण 'आत्मसम्मान विवाह' (सेल्फ-रिस्पेक्ट मैरिज) परंपरा से अलग मानी जा रही है, जिसका समर्थन और प्रचार लंबे समय से डीएमके करती रही है।

चेन्नई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। डीएमके के महासचिव दुरई मुरुगन की पोती का चेन्नई में संपन्न हुआ विवाह समारोह द्रविड़ राजनीति के हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। इसकी वजह यह है कि विवाह पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया, जिसमें संस्कृत के वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी किया गया। यह शैली उस सादगीपूर्ण 'आत्मसम्मान विवाह' (सेल्फ-रिस्पेक्ट मैरिज) परंपरा से अलग मानी जा रही है, जिसका समर्थन और प्रचार लंबे समय से डीएमके करती रही है।

वेल्लोर से डीएमके सांसद कथिर आनंद की बेटी और दुरई मुरुगन की पोती सेंथामराई की शादी दीपक रवि से हाल ही में चेन्नई में हुई। इस समारोह में कई प्रमुख राजनीतिक नेता, फिल्मी हस्तियां और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।

शादी में डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और पार्टी की उप महासचिव कनिमोझी भी मौजूद थीं। इसके अलावा पीएमके संस्थापक एस. रामदास, पीएमके नेता अंबुमणि रामदास और तमिलनाडु भाजपा की पूर्व अध्यक्ष तमिलिसाई सौंदरराजन समेत कई पूर्व मंत्री और वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियां भी पहुंचीं।

अभिनेता धनुष और शिवकार्तिकेयन भी समारोह में शामिल हुए। समारोह में प्रसिद्ध फिल्म संगीतकार युवान शंकर राजा का संगीत कार्यक्रम हुआ, जबकि सेलिब्रिटी शेफ मधमपट्टी रंगराज शादी के भोज से जुड़े थे।

हालांकि, शादी के दौरान किए गए धार्मिक अनुष्ठानों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संस्कृत वैदिक मंत्रों का जाप और पारंपरिक हिंदू विवाह रीति-रिवाजों का पालन द्रविड़ आंदोलन के एक वर्ग को नागवार गुजरा है। द्रविड़ आंदोलन ने ऐतिहासिक रूप से ब्राह्मणवादी धार्मिक प्रथाओं का विरोध किया है और तर्कवाद, सामाजिक समानता और आत्मसम्मान विवाह को बढ़ावा दिया है।

पूर्व डीएमके सांसद सेंथिल कुमार और द्रविड़ आंदोलन के विचारक तथा द्रविड़ इयक्का तमिलर पेरवई के अध्यक्ष सुबा वीरपांडियन ने इस समारोह पर निराशा जताई है।

यह विवाद इसलिए भी राजनीतिक रूप से अहम है, क्योंकि दुरई मुरुगन डीएमके के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले नेताओं में से एक हैं और महासचिव के प्रभावशाली पद पर हैं, जो संगठनात्मक पदानुक्रम में पार्टी अध्यक्ष के बाद दूसरे स्थान पर है।

दशकों से डीएमके ने आत्मसम्मान विवाह को बढ़ावा दिया है। यह अवधारणा समाज सुधारक ईवी रामासामी पेरियार ने लोकप्रिय बनाई थी। ऐसे विवाहों में पुजारी, संस्कृत मंत्र और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों की आवश्यकता को खारिज किया जाता है। इसमें दूल्हा-दुल्हन के बीच समानता पर जोर दिया जाता है। द्रविड़ आंदोलन इन समारोहों को तर्कवाद और जाति-आधारित धार्मिक प्रथाओं के विरोध के प्रति अपनी वैचारिक प्रतिबद्धता की अहम अभिव्यक्ति मानता है।

आलोचकों ने उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर पहले की विवादित टिप्पणियों का भी जिक्र किया है। उनका तर्क है कि एक वरिष्ठ डीएमके नेता की पोती की शादी में वैदिक अनुष्ठानों का होना पार्टी की वैचारिक स्थिति और नेताओं की निजी प्रथाओं के बीच निरंतरता पर सवाल खड़े करता है।

इस घटना ने इस बात पर फिर से चर्चा छेड़ दी है कि डीएमके के पारंपरिक तर्कवादी सिद्धांत उसके वरिष्ठ पदाधिकारियों के निजी जीवन को किस हद तक प्रभावित करते हैं। साथ ही, यह विवाद एक व्यापक सवाल भी उठाता है कि किसी राजनीतिक दल की वैचारिक प्रतिबद्धताओं और अलग-अलग परिवारों की अपनी पसंदीदा धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करने की स्वतंत्रता के बीच क्या फर्क है।

फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह शादी समारोह आत्मसम्मान विवाह पर डीएमके की आधिकारिक स्थिति या उसकी व्यापक द्रविड़ विचारधारा में किसी बदलाव का प्रतीक है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

Date & Time : 2026-11-04 14:15:02

Share:

Leave A Reviews

Related News