नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में नागरिक केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने के उपायों पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों- सहायक आयुक्तों और उससे ऊपर के अधिकारियों के साथ बातचीत की।
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नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय सभागार में नागरिक केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत करने के उपायों पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों- सहायक आयुक्तों और उससे ऊपर के अधिकारियों के साथ बातचीत की।
एलजी टीएस संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, “आज पीएचक्यू में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से बात की और ऑन-ग्राउंड नतीजों का अंदाजा लगाया और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग को मजबूत किया।”
संधू ने कहा, “महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है। दिल्ली पुलिस को स्कूलों, कॉलेजों, मेट्रो स्टेशनों और कमजोर हॉटस्पॉट पर ट्रेंड महिला पेट्रोल यूनिट्स की एक डेडिकेटेड, दिखने वाली और रिस्पॉन्सिव फोर्स ‘पिंक फोर्स’ बनाने का निर्देश दिया।”
उन्होंने कहा, “हर नागरिक को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। दिल्ली पुलिस को पुलिसिंग को और ज्यादा आसान और रिस्पॉन्सिव बनाने का निर्देश दिया, जिसमें हर बीट, हर रिस्पॉन्स और हर एक्शन के केंद्र में पब्लिक सेफ्टी हो।”
संधू ने निर्देश दिया कि हर पुलिस स्टेशन ऐसी जगह हो, जहां नागरिक की सुनें, मदद किए जाएं और सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने पुलिस स्टेशनों, बीट ऑफिसर्स और जिन समुदायों की वे सेवा करते हैं, उनके बीच एक मजबूत कनेक्शन बनाने की अपील की।
उन्होंने कमजोर, क्राइम-प्रोन और ज्यादा लोगों के आने-जाने वाले इलाकों में ज्यादा दिखने वाली मौजूदगी और पैदल और मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
संधू ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, मार्केट और ट्रांसपोर्ट हब के आसपास के इलाकों पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।
एलजी का पुलिस हेडक्वार्टर का यह दूसरा दौरा था। इससे पहले वे 24 जून 2026 को आए थे।
बातचीत में उठाए गए कदमों पर जनता की प्रतिक्रिया, जो कमियां रह गई हैं, और उन्हें पूरा करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं, इस पर भी फोकस किया गया। एलजी ने कहा कि मकसद आसान और साफ होना चाहिए, 'एक सुरक्षित दिल्ली और लोगों में पुलिस पर ज्यादा भरोसा।'
संधू ने निर्देश दिया कि जन सुनवाई की शिकायतों को डिजिटल तरीके से ट्रैक किया जाए, हर शिकायत को एक तय टाइमलाइन के अंदर माना जाए, ट्रैक किया जाए, और उस पर कार्रवाई की जाए, और दूसरे डिपार्टमेंट की शिकायतों को तुरंत संबंधित एजेंसी को भेजा जाए।
एलजी ने स्कूलों में पॉक्सो और बच्चों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, नशीली दवाओं के सेवन और सड़क सुरक्षा पर रेगुलर, इंटरैक्टिव जागरूकता प्रोग्राम चलाने का भी निर्देश दिया, जिसमें हर पुलिस डिस्ट्रिक्ट एक नोडल ऑफिसर बनाएगा और ऐसे सेशन के लिए हर तीन महीने में एक कैलेंडर तैयार करेगा।
ट्रैफिक मैनेजमेंट पर उन्होंने भीड़भाड़ वाले बड़े पॉइंट की पहचान और मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया, जिसमें पीक आवर्स के दौरान उनकी मौजूदगी हो और रियल-टाइम सीसीटीवी और ट्रैफिक कंट्रोल रूम की मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए।
एलजी ने ब्रिक्स समिट के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए दिल्ली पुलिस और दूसरी सभी सुरक्षा एजेंसियों की तारीफ की और कहा कि इवेंट का लेवल सावधानी से की गई प्लानिंग, करीबी तालमेल और प्रोफेशनलिज्म के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड को दिखाता है, जबकि राजधानी में आम जिंदगी में कम से कम रुकावट सुनिश्चित की गई।
उन्होंने कहा कि समिट से मिले ऑपरेशनल सबक दिल्ली में भविष्य के बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स के लिए तैयारी को मजबूत करने के लिए कीमती इनपुट देंगे।
--आईएएनएस
डीकेपी/
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