नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के एक युवक के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शौकीन को तीस हजारी कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसे शुक्रवार को ड्यूटी जज के समक्ष पेश किया गया।
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नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। त्रिपुरा के एक युवक के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शौकीन को तीस हजारी कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसे शुक्रवार को ड्यूटी जज के समक्ष पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत से आमिर शौकीन की छह दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। हालांकि, शौकीन की ओर से पेश वकील ने इस मांग का विरोध किया।
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा, ''हमें एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अभी तक हमें एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई है और न ही गिरफ्तारी के कारण बताए गए हैं।''
अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आमिर शौकीन को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब उन्हें शनिवार को संबंधित अदालत के समक्ष दोबारा पेश किया जाएगा।
दिल्ली पुलिस ने 22 अक्टूबर को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आमिर शौकीन को त्रिपुरा के एक युवक के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमान से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक विवादित वीडियो वायरल होने और उसके संबंध में एफआईआर दर्ज होने के कुछ घंटों बाद की गई थी।
पुलिस ने सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 192, 196, 352 और 353 के तहत मामला दर्ज किया है।
विवाद बढ़ने के बाद आमिर शौकीन ने सोशल मीडिया पर माफी भी मांगी थी। उन्होंने दावा किया था कि वायरल वीडियो एक पूर्व-निर्धारित स्क्रिप्ट के तहत बनाया गया था और वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति उनका परिचित है। शौकीन के मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत मजाकिया अंदाज में हुई थी और उनका किसी की भावनाएं आहत करने का कोई इरादा नहीं था।
दिल्ली पुलिस ने त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम दिल्ली की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। संगठन ने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम पर प्रसारित वीडियो में त्रिपुरा के एक युवक के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया है, जिससे पूर्वोत्तर भारत के लोगों के प्रति भेदभाव और नस्लीय टिप्पणियों को बढ़ावा मिल सकता है।
शिकायत में कहा गया था कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह व्यक्ति की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला है। संगठन ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू द्वारा सोशल मीडिया पर यह मामला उठाए जाने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था। फिलहाल दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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