नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी, वंदे मातरम विवाद, बसपा में आकाश आनंद को बाहर किए जाने और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' को लेकर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। नकवी ने विपक्ष के बयानों को लेकर कई राजनीतिक तंज कसे और आरोप लगाया कि जब भी देश की वैश्विक छवि मजबूत होती है, विपक्ष उसे लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करता है।
![]()
नई दिल्ली, 10 सितंबर (आईएएनएस)। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी, वंदे मातरम विवाद, बसपा में आकाश आनंद को बाहर किए जाने और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' को लेकर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। नकवी ने विपक्ष के बयानों को लेकर कई राजनीतिक तंज कसे और आरोप लगाया कि जब भी देश की वैश्विक छवि मजबूत होती है, विपक्ष उसे लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करता है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर पी चिदंबरम के बयान पर नकवी ने विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से ऐसे बयानों का सिलसिला नया नहीं है। जी20 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान भी विपक्ष की ओर से इसी तरह की टिप्पणियां सामने आई थीं। जब देश की 'धाक और धमक' मजबूत होती है, तब उसे कमजोर करने या उसकी उपलब्धियों पर सवाल उठाने की कोशिश की जाती है। विपक्ष लंबे समय से ऐसे 'फेक और फैब्रिकेटेड' किस्से-कहानियों के जरिए भ्रम पैदा करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन जनता उन्हें स्वीकार नहीं करती।
कांग्रेस की ओर से लगाए गए टैक्स चोरी के आरोपों पर भी नकवी ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस को 'रंग-बिरंगे रणबांकुरों का रंगमंच' बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर अलग-अलग तरह के राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं। कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए नकवी ने आरोप लगाया कि पार्टी ने पहले छोटी पार्टियों को देश के लिए खतरा बताया था। अटल बिहारी वाजपेयी के दौर से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार तक छोटी-बड़ी सभी पार्टियों के साथ मिलकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में काम हुआ है।
नकवी ने कहा कि कांग्रेस की असली परेशानी यह है कि बिना उसके समर्थन या 'रिमोट' के मौजूदा सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में काम कर रही है और छोटी पार्टियों समेत सभी सहयोगियों को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। कांग्रेस इस स्थिति को 'डाइजेस्ट' नहीं कर पा रही है।
वंदे मातरम विवाद को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा कांग्रेस पर किए गए हमले का समर्थन करते हुए नकवी ने भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के प्रति कांग्रेस का रवैया पुराना है। कांग्रेस ने पहले मुस्लिम लीग को खुश करने के लिए वंदे मातरम का विरोध किया और अब कथित तुष्टीकरण की राजनीति के तहत ऐसा कर रही है। वंदे मातरम का विरोध कांग्रेस की ओर से 'बाय चांस' नहीं, बल्कि 'बाय चॉइस' किया जा रहा है।
बसपा प्रमुख मायावती द्वारा आकाश आनंद को पार्टी से बाहर किए जाने के सवाल पर नकवी ने इसे बसपा और मायावती के परिवार का आंतरिक मामला बताया। हालांकि, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि परिवार के भीतर चल रहा घमासान अब 'घरौंदे' से 'घोसले' में बदलता जा रहा है। अगर संबंधित लोग अपने घर को इसी तरह 'घरौंदा' या 'घोसला' बनाकर रखना चाहते हैं तो उन्हें उनकी ओर से शुभकामनाएं हैं।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा घोषित 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर भी नकवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले सनातन का अपमान करते रहे हैं, यदि वही अब सनातन के सम्मान की बात करते हैं तो इसके पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है। नकवी ने इसे 'शरारत' बताते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की यात्रा के जरिए सनातन को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा करने और राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा सकती है। विपक्ष का उद्देश्य किसी न किसी मुद्दे पर 'बखेड़ा' या राजनीतिक विवाद खड़ा करना है।
--आईएएनएस
पीएसके
Leave A Reviews