Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

डीप फ्राइंग के लिए कौन सा तेल बेहतर? जानें पांच जरूरी नियम

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। डीप फ्राई खाना आज की जीवनशैली का जरूरी हिस्सा बन गया है। बच्चों से लेकर बड़े तक तले-भुने खाने के शौकीन हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं कि तले-भुने भोजन में इस्तेमाल होने वाला तेल हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह होता है।

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। डीप फ्राई खाना आज की जीवनशैली का जरूरी हिस्सा बन गया है। बच्चों से लेकर बड़े तक तले-भुने खाने के शौकीन हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही जानते हैं कि तले-भुने भोजन में इस्तेमाल होने वाला तेल हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह होता है।

जब तेल बार-बार तेज आंच पर गर्म होता है तो तेल में ऑक्सीडेशन का स्तर बढ़ जाता है और फ्री रेडिकल्स और ट्रांस-फैट भी बढ़ जाते हैं, जो पेट और आंतों के लिए खतरा है।

आयुर्वेद की दृष्टि से ऐसा तेल पाचन अग्नि को मंद करता है और शरीर में 'आम' पैदा करता है, जो शरीर में वसा को बढ़ाकर कई बीमारियों को जन्म देता है। ज्यादा तेल का सेवन या डीप फ्राई चीजों के सेवन से हृदय संबंधी रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है।

अब सवाल ये है कि कौन सा तेल खाने और डीप फ्राइंग के लिए सही होता है। आयुर्वेद में देसी घी, नारियल के तेल, सरसों का तेल और मूंगफली के तेल को डीप फ्राइंग और खाने में उपयोगी माना गया है। ये सभी तेल उच्च ताप मानक पर भी अपने गुण बनाए रखते हैं। जैसे देसी घी को 250 सेल्सियस पर गर्म करने पर ऑक्सीडेशन का स्तर कम बना रहता है और फ्री रेडिकल्स भी कम बनते हैं।

नारियल के तेल में लगभग 90 प्रतिशत सैचुरेटेड फैट होता है, जो बार-बार गर्म करने पर भी बाकी तेलों की तुलना में ऑक्सीडेशन कम बनाता है। वैसे ही मूंगफली के तेल का उच्च ताप मानक 230 सेल्सियस होता है और ज्यादा गर्म होने पर भी फ्री रेडिकल्स कम बनते हैं। हालांकि इसे बार-बार गर्म करना सेहत के लिए हानिकारक है।

अब जानते हैं कि किन तेलों के उपयोग से बचना चाहिए। डीप फ्राई के लिए सोयाबीन, सूरजमुखी, कॉर्न ऑयल, राइस ब्राउन, और ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल कम करना चाहिए। आयुर्वेद में डीप फ्राइंग के पांच नियमों के बारे में बताया गया है, जिसमें पहला है, तेल को बार-बार प्रयोग करने से बचना, धुआं उठने के बाद तेल का इस्तेमाल न करना, अलग-अलग तेलों को मिलाने से बचना, तलने के बाद छानकर ही पुन: प्रयोग में लाना, और मोटे तले के बर्तन का इस्तेमाल करना शामिल है।

--आईएएनएस

पीएस/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News