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दीपंकर भट्टाचार्य का खड़गे को पत्र, 'झारखंड राज्यसभा चुनाव पर कांग्रेस नेता ना करें अनर्गल बयानबाजी'


रांची, 19 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद इंडी गठबंधन के घटक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाकपा माले (लिबरेशन) ने कांग्रेस नेताओं की ओर से उनके विधायकों पर लगाए गए क्रॉस वोटिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बताया है।

रांची, 19 जून (आईएएनएस)। झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद इंडी गठबंधन के घटक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाकपा माले (लिबरेशन) ने कांग्रेस नेताओं की ओर से उनके विधायकों पर लगाए गए क्रॉस वोटिंग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बताया है।

पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने इस संबंध में शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि झारखंड राज्यसभा चुनाव में भाकपा माले के दोनों विधायकों ने विपक्षी दलों के बीच बनी सहमति और गठबंधन धर्म का पालन करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के पक्ष में मतदान किया था।

उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पार्टी के अधिकृत पोलिंग एजेंटों ने विधायकों द्वारा डाले गए मतों का नियमानुसार सत्यापन भी किया था। ऐसे में क्रॉस-वोटिंग के आरोपों का कोई आधार नहीं है।

भाकपा माले महासचिव ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोप न केवल उनकी पार्टी की राजनीतिक विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने वाले हैं, बल्कि इंडी गठबंधन की एकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कहा कि सहयोगी दलों के खिलाफ बिना तथ्य और प्रमाण के आरोप लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए। दीपंकर भट्टाचार्य ने कुछ मीडिया संस्थानों की रिपोर्टिंग पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कुछ समाचार माध्यमों ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों को बिना पक्ष जाने और तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि किए प्रकाशित किया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।

उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि भाकपा माले इंडिया गठबंधन के गठन के समय से ही उसके सबसे प्रतिबद्ध सहयोगियों में रही है। बिहार और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में पार्टी ने लगातार विपक्षी एकता को मजबूत करने का काम किया है। ऐसे में उस पर लगाए जा रहे आरोप दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

उल्लेखनीय है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। परिणाम घोषित होने के बाद झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू और कुछ अन्य कांग्रेस नेताओं ने सहयोगी दलों राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा माले पर अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने का आरोप लगाया था।

--आईएएनएस

एसएनसी/एसके

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