मांड्या (कर्नाटक), 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा कि दिव्यांग लोग उनके दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने याद किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था बनाई थी, जिससे वे सीधे विधान सौधा तक अपनी बात पहुंचा सकते थे।
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मांड्या (कर्नाटक), 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को कहा कि दिव्यांग लोग उनके दिल के बहुत करीब हैं। उन्होंने याद किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था बनाई थी, जिससे वे सीधे विधान सौधा तक अपनी बात पहुंचा सकते थे।
कुमारस्वामी ने कहा, “दिव्यांग व्यक्ति मेरे दिल के बेहद करीब हैं। जब मैं मुख्यमंत्री था, तब वे सीधे विधान सौधा आते थे। मैंने ही ऐसी व्यवस्था बनाई थी।”
केंद्रीय मंत्री मांड्या स्थित अंबेडकर भवन में 299 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित करने के बाद बोल रहे थे। ये उपकरण स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) और आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एएलआईएमको) द्वारा उनके कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रमों के तहत प्रदान किए गए थे।
उन्होंने कहा, “दिव्यांग व्यक्तियों को सहानुभूति की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय उन्हें गरिमा और आत्मसम्मान से भरा जीवन जीने के अवसर प्रदान किए जाने चाहिए। उन्हें समान अवसर भी मिलने चाहिए और हर कोई का उनके प्रति उत्तरदायित्व है।”
कुमारस्वामी ने बताया कि बैटरी से चलने वाली तिपहिया साइकिलें, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण लगभग 299 लाभार्थियों को वितरित किए गए।
इस्पात मंत्रालय के अधीन आने वाली एसएआईएल और अलीम्को की सीएसआर पहल के तहत ये सुविधाएं प्रदान की गईं। उन्होंने बताया कि कुल 50 लाख रुपए मूल्य के सहायक उपकरण वितरित किए गए।
कुमारस्वामी ने मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एमआईएमएस) में एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का भी उद्घाटन किया।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड (बीएचईएल) द्वारा अपने सीएसआर फंड के तहत दिए गए 1 करोड़ रुपए की लागत से इस सुविधा की स्थापना की गई है। केंद्रीय मंत्री ने सुबह अस्पताल का दौरा किया और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का उद्घाटन किया।
कुमारस्वामी ने हलाली गांव के सरकारी स्कूल का दौरा किया, जहां उन्होंने आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील (एएम/एनएस इंडिया) की सीएसआर पहल के तहत 32.50 लाख रुपए के अनुदान से निर्मित दो सुसज्जित कक्षाओं का उद्घाटन किया।
उन्होंने मांड्या शहर के पूर्व नगर पालिका महाविद्यालय में दो नए कक्षाओं की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना को एएम/एनएस इंडिया द्वारा अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत 32.50 लाख रुपए के अनुदान से वित्त पोषित किया जा रहा है।
कुमारस्वामी ने मांड्या में कुल 2.15 करोड़ रुपए के निवेश वाली सीएसआर पहलों में भाग लिया।
हलाली सरकारी स्कूल में दो नई कक्षाओं का उद्घाटन करने के बाद कुमारस्वामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार शिक्षा को उच्च प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार स्कूलों और कॉलेजों को गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रही है।”
--आईएएनएस
एसएचके/डीकेपी
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