नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) 2026 चुनावों के लिए मतदान जारी है। छात्र निर्धारित समय पर अपने मत डालने पहुंचे। इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ता और उम्मीदवारों ने जीत का दावा किया।
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नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूएसयू) 2026 चुनावों के लिए मतदान जारी है। छात्र निर्धारित समय पर अपने मत डालने पहुंचे। इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ता और उम्मीदवारों ने जीत का दावा किया।
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर डीयूएसयू चुनाव के लिए एबीवीपी के प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार यश डबास ने कहा, "हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं। ऐसा हादसा कभी नहीं होना चाहिए था। लेकिन हम यह पक्का करेंगे कि सेफ्टी ऑडिट हो और भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। एबीवीपी के पक्ष में पूरी तरह से एकतरफा माहौल है और एबीवीपी 4-0 से क्लीन स्वीप की ओर बढ़ रही है।"
एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार इशू मौर्य ने कहा, "इस बार एबीवीपी के मुख्य मुद्दे खुद एबीवीपी के अक्षरों से ही निकले हैं। ए से आवास, बी से भागीदारी, वी से विश्वास और पी से परिणाम। ये वे मुख्य मुद्दे हैं जिन पर एबीवीपी ने अपना घोषणापत्र तैयार किया है और इस चुनाव में सक्रिय रूप से काम कर रही है।"
कांग्रेस कार्यकर्ता दीपक भारद्वाज ने आईएएनएस से कहा, "दिल्ली छात्र संघ चुनाव के समर्थन में हम एकत्र हुए हैं। छात्र संघ चुनाव में निष्पक्षता से मतदान हो और छात्र निष्पक्षता से चुनाव लड़ सकें, छात्रों के हितों को उठाने के लिए जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए हैं। जिलाध्यक्ष, पूर्व मंत्री और कार्यकर्ता शाम तक कार्यालय पर उपस्थित रहकर यह सुनिश्चित करेंगे कि निष्पक्ष तरीके से चुनाव हो।"
वहीं, एनएसयूआई के वाइस प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार वीर छत्रथ ने कहा, "हमारे एजेंडा और घोषणापत्र की सभी बातें सीधे छात्रों से ली गई हैं। हमारे सभी मुद्दे पूरी तरह से छात्रों पर केंद्रित हैं। छात्रों ने ही हमें उनके बीच जाकर यह घोषणापत्र तैयार करने का मौका दिया। हमारे संगठन ने 'मेरा कैंपस, मेरा घोषणापत्र' नाम से एक अभियान शुरू किया था, जिसे दिल्ली यूनिवर्सिटी के सभी कॉलेजों में चलाया गया। इस अभियान के जरिए हमने सीधे छात्रों से कॉलेजों की खास समस्याओं के बारे में जानकारी जुटाई।"
मतदान करने पहुंची छात्रा मनीषा ने कहा, "अपना उम्मीदवार चुनने के लिए छात्रों में क्रेज रहता है। छात्रों की बात विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने के लिए प्रतिनिधि की जरूरत होती है, क्योंकि सभी छात्र एक जैसे नहीं होते हैं।"
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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