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एआईएडीएमके नेता धनपाल ने की चार विधायकों के इस्तीफे की सीबीआई से जांच कराने की मांग


चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। एआईएडीएमके सांसद धनपाल ने पार्टी के चार विधायकों के इस्तीफे की विस्तृत जांच की मांग की है। ये विधायक बाद में सत्ताधारी दल 'तमिलगा वेत्री कजगम' (टीवीके) में शामिल हो गए थे। धनपाल ने आरोप लगाया है कि इस दलबदलों के पीछे बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हो सकता है।

चेन्नई, 28 मई (आईएएनएस)। एआईएडीएमके सांसद धनपाल ने पार्टी के चार विधायकों के इस्तीफे की विस्तृत जांच की मांग की है। ये विधायक बाद में सत्ताधारी दल 'तमिलगा वेत्री कजगम' (टीवीके) में शामिल हो गए थे। धनपाल ने आरोप लगाया है कि इस दलबदलों के पीछे बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हो सकता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में धनपाल ने दावा किया कि टीवीके सरकार के पास स्वतंत्र बहुमत नहीं था। नई सरकार के सत्ता संभालने के तुरंत बाद चार विधायकों के अचानक इस्तीफे ने गंभीर संदेह पैदा कर दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि दलबदल के मामले में बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन का शक है। इस मामले में उन्होंने केंद्र सरकार से लोकतंत्र की रक्षा के लिए सीबीआई जांच के आदेश देने की अपील की। ​​उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखने को कहा।

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एआईएडीएमके के दो विरोधी गुट, हफ्तों की अंदरूनी उथल-पुथल, दलबदल और राजनीतिक अनिश्चितता के बाद, कथित तौर पर फिर से एक होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों गुटों के नेताओं से यह उम्मीद की जा रही है कि वे स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को एक पत्र सौंपेंगे, जिसमें वे विश्वास मत के दौरान सत्ताधारी टीवीके सरकार को दिए गए अपने पहले के समर्थन को वापस लेने की घोषणा करेंगे।

इस कदम से तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।

चुनाव के बाद पार्टी में आए संकट के चलते एआईएडीएमके दो मुख्य गुटों में बंट गई थी। एक गुट, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ नेता सीवी शनमुगम कर रहे थे, को शुरुआत में 25 विधायकों का समर्थन हासिल है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व वाले गुट को 22 विधायकों का समर्थन प्राप्त था।

हाल के हफ्तों में शनमुगम गुट की ताकत काफी कमजोर हो गई है। चार विधायकों- के. मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यभामा, एस जयकुमार और डॉ. सी इसाकी सुब्बैया, ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और बाद में सत्ताधारी टीवीके में शामिल हो गए।

इसके अलावा, पी हरिभास्कर, एसएम सुकुमार, डी जयशंकर, एनएसएन नटराजन, के. मोहन और पी. बालकृष्ण रेड्डी सहित छह विधायक ईपीएस खेमे में लौट आए, जिससे विरोधी गुट की ताकत घटकर 15 विधायक रह गई।

पार्टी की कमजोर होती स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, एआईएडीएमके के कई वरिष्ठ नेताओं ने चेन्नई में ग्रीनवेज रोड स्थित ईपीएस के आवास पर उनसे मुलाकात कर सुलह की संभावनाओं पर चर्चा की।

सूत्रों के अनुसार, शनमुगम गुट ने शुरू में पार्टी के पदों की बहाली और पार्टी के भीतर सामूहिक निर्णय लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति के गठन की मांग की थी।

हालांकि, खबरों के मुताबिक ईपीएस ने दोनों ही मांगों को ठुकरा दिया और इसके बजाय विरोधी खेमे से आग्रह किया कि वे पार्टी नेतृत्व के खिलाफ स्पीकर के समक्ष दर्ज कराई गई शिकायतों को वापस ले लें।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी

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