मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। एक्ट्रेस प्रसन्ना बिष्ट, जिन्हें हाल ही में रिलीज हुई स्ट्रीमिंग सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' में उनके अभिनय के लिए काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, ने बताया कि शो में एक शिक्षिका के रूप में उनका किरदार उनकी अपनी मां से मिलता जुलता है।
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मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। एक्ट्रेस प्रसन्ना बिष्ट, जिन्हें हाल ही में रिलीज हुई स्ट्रीमिंग सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' में उनके अभिनय के लिए काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, ने बताया कि शो में एक शिक्षिका के रूप में उनका किरदार उनकी अपनी मां से मिलता जुलता है।
अभिनेत्री के लिए एक सरकारी स्कूल शिक्षिका की भूमिका निभाना एक अविश्वसनीय रूप से व्यक्तिगत और सार्थक अनुभव बन गया, क्योंकि उनकी अपनी मां ने भी कई वर्षों तक एक सरकारी स्कूल में पढ़ाया है।
एक्ट्रेस ने कहा कि उन्हें लगा जैसे यह भूमिका खास उनके लिए ही लिखी गई हो, बचपन में घर पर सुनी कहानियों को फिर से जीने से लेकर कंचन के किरदार में खुद को खोजने तक। इस किरदार को यादगार बना दिया, साथ ही भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं की श्रृंखला के बाद उन्हें एक हल्के-फुल्के, हास्यपूर्ण क्षेत्र में काम करने का अवसर भी प्रदान किया।
शो में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा, "सच कहूं तो ऐसा लगा जैसे यह किरदार मेरे लिए ही लिखा गया हो। कंचन मेरी मां से बहुत मिलती-जुलती है। मुझे सचमुच ऐसा लगा जैसे मैं अपनी मां के उन दिनों को जी रही हूं जब वह शिक्षिका बनी थीं। बचपन में वह मुझे फिजिक्स और मैथ्स पढ़ाया करती थीं, जो बाद में मेरे पसंदीदा विषय बन गए, इसलिए कंचन मेरी मां और मुझमें समाहित गुणों का मिश्रण है।"
उन्होंने आगे बताया, "मेरी मां सरकारी स्कूल में टीचर हैं, इसलिए शूटिंग के दौरान मुझे वो कहानियां याद आती थीं जो वो स्कूल से लौटने पर मुझे सुनाया करती थीं। वो कहती थीं, 'आज हमारे स्कूल में ये हुआ, और हम हंसते थे। मुझे लगता है कि यही सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, और ये टीचर इसे बखूबी निभा रही हैं। मेरे लिए हर पल खास था, क्योंकि मुझे सच में ऐसा लगा जैसे मैं कंचन के किरदार में अपनी मां को दर्शा रही हूं। तो हां, इस पूरे अनुभव का हर पहलू मेरे लिए खास था।"
शो में केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, अभिमन्यु सिंह, नवीन कस्तूरिया, देवेन भोजानी, अजितेश गुप्ता, अन्नपूर्णा सोनी और प्राची शाह भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।
उन्होंने गंभीर भूमिकाओं की एक श्रृंखला के बाद कॉमेडी को अपनाने के बारे में भी बात की, जैसा कि उन्होंने कहा, "दरअसल, मैं एक ऐसी भूमिका की तलाश में थी जो बहुत हल्की-फुल्की हो, इसलिए आदर्श बाल विद्यालय एक ऐसी चीज थी जिसे मैंने साकार होते देखा। मैं वास्तव में एक खूबसूरत संदेश के साथ एक कॉमेडी शो करना चाहती थी। ईमानदारी से कहूं तो कॉमेडी करने के लिए मुझे गंभीर अभिनय को भूलना पड़ा। मैंने इतनी गंभीर भूमिकाएं निभाई थीं कि मुझे कॉमेडी का लहजा समझने में समय लगा, लेकिन टीम और निर्देशक की मदद से, आखिरकार मुझे अपनी लय मिल गई।"
यह सीरीज प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है।
--आईएएनएस
डीकेपी/
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