Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

एनसीबी मुंबई को अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी मामले में मिली कामयाबी, दो आरोपियों को 10 साल की जेल


मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। एनसीबी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को एक बड़ा झटका देते हुए, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बिलोली में एनडीपीएस स्पेशल कोर्ट ने 1,127 किलोग्राम गांजा जब्त होने के मामले में दो तस्करों को दोषी ठहराया है और उन्हें 10 साल की सख्त कैद और हर एक पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। एनसीबी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को एक बड़ा झटका देते हुए, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बिलोली में एनडीपीएस स्पेशल कोर्ट ने 1,127 किलोग्राम गांजा जब्त होने के मामले में दो तस्करों को दोषी ठहराया है और उन्हें 10 साल की सख्त कैद और हर एक पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के ट्रक मालिक-ड्राइवर गोकुल नारायण राजपूत (32) और जलगांव जिले के को-ड्राइवर सुनील यादव महाजन (35) को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई जोनल यूनिट ने 15 नवंबर, 2021 को प्रतिबंधित सामान की एक बड़ी खेप ले जाते हुए गिरफ्तार किया था।

खास जानकारी मिलने पर, एनसीबी की एक टीम ने नांदेड़ जिले के मंजराम गांव में अशोक लेलैंड ट्रक को रोका। तलाशी के दौरान, अधिकारियों को औद्योगिक लोहे की छड़ों के नीचे छिपाकर रखे गए 49 पॉलीथीन के बोरे मिले। इन बोरों में गांजे के 112 पैकेट थे, जिनका कुल वजन 1,127 किलोग्राम था।

एनसीबी के अनुसार, जांच में पता चला कि यह प्रतिबंधित सामान आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम जिले के अंकमपल्ली में लोड किया गया था और इसे महाराष्ट्र के जलगांव जिले में ले जाया जा रहा था।

जांच ​​में यह भी पता चला कि राजपूत पर पहले हत्या की कोशिश और अपहरण से जुड़े आपराधिक मामले दर्ज हो चुके थे। जांचकर्ताओं ने बताया कि नशीले पदार्थों की ढुलाई के लिए इस्तेमाल किए गए ट्रक, जो राजपूत का था, को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ) ने पहले ही ब्लैकलिस्ट कर दिया था, लेकिन फिर भी उसका इस्तेमाल गैर-कानूनी ढुलाई गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

मुकदमे के दौरान, अभियोजन पक्ष ने साबित किया कि दोनों आरोपी गांजे की कमर्शियल मात्रा (व्यावसायिक मात्रा) को जानबूझकर अपने कब्जे में रखे हुए थे और वे इसे रखने के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए।

बिलोली के एडिशनल सेशंस जज ने दोनों आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया और उन्हें 10 साल की कठोर सजा के साथ-साथ प्रत्येक पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। अदालत ने जब्त किए गए ट्रक को भी जब्त करने का आदेश दिया।

एनसीबी ने कहा कि यह सजा प्रभावी जांच और मुकदमे के जरिए ड्रग तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिससे नशा-मुक्त भारत के लक्ष्य में योगदान मिलता है।

--आईएएनएस

एससीएच

Date & Time : 2026-09-09 23:20:03

Share:

Leave A Reviews

Related News