नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में दिल्ली पुलिस के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
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नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में दिल्ली पुलिस के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। यह बैठक राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संस्थागत समन्वय को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि घरेलू हिंसा मामलों में संरक्षण अधिकारियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है, ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता और न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्टॉकिंग जैसे अपराधों को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि ये आगे चलकर बड़े अपराधों का कारण बन सकते हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा ने बैठक में कहा कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने शिकायत दर्ज करने, त्वरित प्रतिक्रिया, साइबर मामलों और पीड़ित सहायता के लिए कई नई और प्रभावी व्यवस्थाएं अपनाई हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं की सुविधा के लिए ऑल-वुमन पुलिस स्टेशन स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है।
बैठक में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सभी जिलों के डीसीपी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, साइबर सेल, महिला थाने और एनसीडब्ल्यू के अधिकारी शामिल हुए।
2024-2025 के दौरान महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। खासतौर पर ऑनलाइन अपराधों में बढ़ोतरी, नाबालिगों की संलिप्तता और जांच में देरी जैसे मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया गया। साथ ही फॉरेंसिक जांच और एफएसएल रिपोर्ट में देरी से मामलों के निपटारे पर असर को लेकर भी चर्चा हुई।
दिल्ली पुलिस ने अपनी कई अच्छी पहलें साझा कीं। आयोग ने पुलिस की शिकायत निवारण प्रणाली और तेज प्रतिक्रिया व्यवस्था की सराहना की, जिसमें पीसीआर टीमें औसतन 5 से 7 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचती हैं।
साइबर सेल की कार्यप्रणाली पर भी समीक्षा की गई। बताया गया कि आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री को हटाने का समय 36 घंटे से घटाकर लगभग 3 घंटे कर दिया गया है।
इसके अलावा, महिला थानों की कार्यप्रणाली, घरेलू विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता व्यवस्था, और लापता व तस्करी मामलों की जांच के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के कामकाज पर भी चर्चा हुई।
बैठक में दिल्ली पुलिस की शिष्टाचार और निर्भीक जैसी जागरूकता पहलों की भी सराहना की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि दिल्ली पुलिस में महिलाओं की भागीदारी अब लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बैठक के अंत में एनसीडब्ल्यू और दिल्ली पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा, त्वरित न्याय और बेहतर शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
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