Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

एसआईआर विवाद: कर्नाटक के गृह मंत्री खड़गे ने फॉर्म-7 के गलत इस्तेमाल पर दी कार्रवाई की चेतावनी


बेंगलुरु, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में एसआईआर मामले को लेकर सियासी पारा हाई है। इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को चेतावनी दी कि जो लोग योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के लिए 'फॉर्म-7' का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रियांक ने यह भी सवाल उठाया कि बड़ी संख्या में पहले से छपे हुए फॉर्म कैसे हासिल किए जा रहे हैं और जमा किए जा रहे हैं।

बेंगलुरु, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में एसआईआर मामले को लेकर सियासी पारा हाई है। इस बीच कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को चेतावनी दी कि जो लोग योग्य मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटवाने के लिए 'फॉर्म-7' का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। प्रियांक ने यह भी सवाल उठाया कि बड़ी संख्या में पहले से छपे हुए फॉर्म कैसे हासिल किए जा रहे हैं और जमा किए जा रहे हैं।

बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने पूछा, "अगर आप फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल किया जाता है, अगर आपके पास बड़ी संख्या में पहले से छपे हुए फॉर्म-7 हैं, अगर आप जिंदा लोगों को मृत और यहां रहने वाले लोगों को गैर-निवासी बताते हैं, तो क्या हमें आपको सम्मानित करना चाहिए?"

उन्होंने सवाल किया कि भाजपा पदाधिकारियों से ऐसे बड़ी संख्या में पहले से छपे हुए फॉर्म कैसे आ रहे थे और कहा कि चुनावी कानूनों का उल्लंघन करने वालों को कार्रवाई से बचने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर आप कानून का पालन नहीं कर रहे हैं, तो मैं आपको सिखाऊंगा कि इसका पालन कैसे किया जाता है। आप नियमों को तोड़ने की उम्मीद क्यों करते हैं? आप देश के कानून को तोड़ने और यह उम्मीद करने की हिम्मत कैसे करते हैं कि आपके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।"

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि यह मामला कर्नाटक से जुड़ा है और चेतावनी दी कि संवैधानिक और चुनावी प्रावधानों के उल्लंघन के नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने कहा, "यह गुजरात नहीं है, यह दिल्ली नहीं है, यह यूपी नहीं है बल्कि यह कर्नाटक है। अगर आप संविधान का उल्लंघन करते हैं, तो आपको नतीजे भुगतने होंगे।"

पूर्व विधायकों, उम्मीदवारों, बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और गैर-बीएलओ सहित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के बारे में सवालों का जवाब देते हुए, खड़गे ने कहा कि जनता को परेशान करने के आरोपों के कारण मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरण वाले हजारों पहले से छपे हुए फॉर्म कैसे हासिल किए जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में, जिंदा लोगों को मृत और निवासियों को गैर-निवासी दिखाया गया था।

प्रियांक खड़गे ने कहा कि कुछ लोगों ने बाद में अधिकारियों (जिनमें चिक्कमगलुरु, बीदर और भुवनेश्वर के तहसीलदार शामिल हैं) से संपर्क करके फॉर्म-7 आवेदनों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गलत जानकारी दी गई थी कि संबंधित व्यक्ति या तो मर चुके हैं या अब निवासी नहीं हैं।

उन्होंने पूछा, "अगर वे खुद चुनाव आयोग का काम कर रहे हैं, तो एसआईआर किसलिए था? यह एक 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (विशेष गहन संशोधन) होना चाहिए था। यह तो 'संघ इंटेंसिव रिवीजन' बन गया है, है ना?"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फॉर्म-7 जमा करने के जरिए कुछ समुदायों के लोगों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा, "ऐसा क्यों है कि समाज के सिर्फ एक हिस्से को निशाना बनाया जा रहा है? ऐसा क्यों है कि सिर्फ मुसलमानों, ईसाइयों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है? भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए।"

खड़गे ने कहा कि सरकार को अलग-अलग शिकायतें मिल रही हैं और रिटर्निंग ऑफिसर और मुख्य चुनाव अधिकारी इस मामले की जांच कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, "उन्हें सीईओ के पास जाने दें और बताएं कि उन्हें ये पहले से छपे हुए फॉर्म कैसे मिले। उन्हें यह बताना चाहिए कि उनके बीएसओ और कार्यकर्ता जिंदा लोगों को मृत क्यों घोषित कर रहे हैं। वे अब माफी क्यों मांग रहे हैं और फॉर्म-7 क्यों वापस ले रहे हैं? पहले उन्हें यह बताना चाहिए।"

चुनाव आयोग के बारे में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर प्रियांक खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और संविधान सभा में भी इसकी भूमिका पर चर्चा हुई थी। संविधान पर डॉ. बी.आर. अंबेडकर की बातों का जिक्र करते हुए खड़गे ने कहा कि संविधान तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है जब इसके तहत शासन करने वाले लोग ज़िम्मेदारी से काम करें।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले प्रभावी ढंग से काम किया था, क्योंकि इसके प्रमुख वे लोग थे जो इसकी संस्थागत भूमिका का सम्मान करते थे, लेकिन उन्होंने दावा किया कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ने "अपनी आत्मा भाजपा को बेच दी है।"

सनातन धर्म और आरएसएस पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की टिप्पणी पर खड़गे ने कहा कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच फर्क है। उन्होंने कहा, "दिग्विजय सिंह साहब एक मजबूत व्यक्ति हैं। वह सनातन के खिलाफ नहीं हैं। आरएसएस इस मुद्दे के बारे में कुछ नहीं जानता।"

खड़गे ने कहा कि हिंदू धर्म हजारों सालों से मौजूद है जबकि आरएसएस लगभग एक सदी पुराना है और तर्क दिया कि संगठन धर्म का एकमात्र रक्षक होने का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, "हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच बहुत बड़ा फर्क है। हिंदुत्व की शुरुआत आरएसएस समूह ने की थी। हिंदू धर्म 3,000 साल से है। इसलिए हमें उनसे कुछ भी सीखने की जरूरत नहीं है।"

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

Date & Time : 2026-10-05 13:55:03

Share:

Leave A Reviews

Related News