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भ्रष्टाचार की हद: एमपी में टेंडर कहीं और का, सड़क कहीं और बना दी, बिना मार्ग के कुंवारे रह रहे ग्रामीण, जांच शुरू

सीधी. मध्यप्रदेश की सुहिरा अमिलिया ग्राम पंचायत के गोदरी खोली मोहल्ला में विकास और सिस्टम की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो शर्मसार करने वाली है। यहाँ 3.5 किलोमीटर की सड़क के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ और टेंडर भी जारी हुआ, लेकिन ठेकेदार ने मिलीभगत कर वह सड़क उस जगह बनाने के बजाय ग्राम पंचायत के दूसरे हिस्से में बना दी। इस लापरवाही का खामियाजा अब यहाँ के ग्रामीण भुगत रहे हैं, जहाँ न एंबुलेंस पहुँच पा रही है और न ही रिश्तों की डोलियाँ।

रिश्तों में रोड़ा बनी सड़क: दर्जनों शादियाँ टूटीं

गाँव की सबसे बड़ी समस्या युवाओं के विवाह को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण गाँव में कीचड़ और दलदल की स्थिति रहती है। जब भी कोई बाहरी व्यक्ति रिश्ता लेकर आता है, तो गाँव की बदहाली और दुर्गम रास्ता देखकर शादी से इनकार कर देता है। स्थानीय निवासी राम अशोक विश्वकर्मा के अनुसार, पिछले एक साल में ही 4 से 5 युवाओं की शादियाँ सिर्फ इसलिए तय नहीं हो पाईं क्योंकि मेहमानों ने गाँव की सड़क देखकर हाथ खींच लिए। ग्रामीणों का दर्द है कि "अब तो शादियां भी नहीं हो रहीं, रिश्तेदारी बचाना मुश्किल हो गया है।"

इलाज के अभाव में मौत और खाट पर सफर

सड़क की अनुपस्थिति ने स्वास्थ्य सेवाओं को भी ठप कर दिया है। बरसात के मौसम में स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि गर्भवती महिलाओं को खाट पर लिटाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस समय पर नहीं पहुँच पाती, जिसके चलते इलाज में देरी की वजह से गाँव में मौतें भी हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन और सरपंच-सचिव की अनदेखी ने इस मोहल्ले को टापू में तब्दील कर दिया है।

ठेकेदार की मनमानी और फॉरेस्ट विभाग की कार्रवाई

बताया जा रहा है कि ठेकेदार विपिन सिंह को जिस 3.30 किमी मार्ग का निर्माण करना था, उसे छोड़कर उन्होंने दूसरी जगह काम शुरू कर दिया। जब ठेकेदार ने बिना अनुमति जंगल की जमीन पर सड़क बनाना शुरू किया, तो वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार की जेसीबी मशीन जब्त कर ली। इसके बावजूद गाँव के मुख्य मोहल्ले गोदरी खोली को सड़क नसीब नहीं हुई।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

मामले की शिकायत कलेक्ट्रेट तक पहुँचने के बाद हड़कंप मच गया है। पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री (EE) एसबी सिंह कर्चुली ने बताया कि कलेक्ट्रेट से प्राप्त शिकायत के आधार पर संबंधित एसडीईओ को जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में अनियमितता पाई गई और यह सिद्ध हुआ कि स्वीकृत जगह के बजाय दूसरी जगह सड़क बनाई गई है, तो ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और टेंडर निरस्त किया जा सकता है।

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