पुणे, 27 सितंबर (आईएएनएस)। गणपति विसर्जन जुलूस की अफरा-तफरी के बीच त्वरित कार्रवाई करते हुए विश्रामबाग पुलिस ने भीड़ में श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर सोने की चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल फोन छीनने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान की कीमत लगभग 35 लाख रुपए है।
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पुणे, 27 सितंबर (आईएएनएस)। गणपति विसर्जन जुलूस की अफरा-तफरी के बीच त्वरित कार्रवाई करते हुए विश्रामबाग पुलिस ने भीड़ में श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर सोने की चेन, मंगलसूत्र और मोबाइल फोन छीनने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान की कीमत लगभग 35 लाख रुपए है।
आईएएनएस से बात करते हुए जोन-1 के डीसीपी कृषिकेश रावले ने बताया कि विसर्जन की भीड़ के दौरान सक्रिय एक गिरोह के दो अलग-अलग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है। उन्होंने इसे पिछले साल के त्योहार के दौरान मिली सीख और योजना पर आधारित एक बड़ी सफलता बताया।
पुलिस का कहना है कि ऐसे गिरोह चाहे वे स्थानीय हों या राज्य के बाहर के, गणेशोत्सव के दौरान भारी भीड़ का फायदा उठाकर अक्सर लूटपाट करते हैं। रावले के निर्देशों पर अमल करते हुए, जिसमें उत्सवों के दौरान कड़ी निगरानी रखने को कहा गया था, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक नवनाथ जगताप ने एपीआई उमेश करके के नेतृत्व वाली जांच टीम को जुलूस के मार्गों पर जेबकतरों और चेन छीनने वालों से सावधान रहने का निर्देश दिया।
टीम ने सादे कपड़ों में गुप्त रूप से काम किया, भीड़ में घुलमिल गई, और विभिन्न स्थानों से 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने गणेशोत्सव और विसर्जन जुलूस के दौरान विश्रामबाग और उसके बाहर के इलाकों में महिलाओं से सोने की चेन, मंगलसूत्र और फोन चुराने की बात कबूल की।
जांचकर्ताओं ने गिरफ्तार किए गए लोगों को कुल 22 मामलों से जोड़ा है, जिनमें से 19 अकेले विश्रामबाग में दर्ज हैं (15 सोने की चोरी, 3 मोबाइल फोन की चोरी और 1 जेबकतरों का मामला), साथ ही फराशखाना पुलिस स्टेशन में सोने की चोरी के 3 मामले और चंदननगर में एक मामला शामिल हैं। इन मामलों में लगभग 35 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।
विभिन्न मामलों में पांच आरोपियों, संतोष कान्हू पवार (अहिल्यानगर), जलिंदर शिवराव वाघमारे (बीड), सुशांत शिवाजी गायकवाड़ (लातूर), गफर मौला शेख (हैदराबाद), और शेख सैबाज शेख शफीक (मालेगांव, नासिक) को 29 सितंबर, 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
यह सफलता 56 घंटे के अथक अभियान के बाद मिली, जिसमें जांच दल ने 25 सितंबर की सुबह 7 बजे से 27 सितंबर की दोपहर 3 बजे तक लगातार काम किया।
--आईएएनएस
एमएस/
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