नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गढ़वाल में बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक और अहम पहल हुई है। भाजपा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 13 जगहों पर नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिल गई है।
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नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। गढ़वाल में बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक और अहम पहल हुई है। भाजपा सांसद अनिल बलूनी के प्रयासों से गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 13 जगहों पर नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिल गई है।
इस मंजूरी के बाद सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी।
बलूनी ने अपने पोस्ट में लिखा, "गढ़वाल में बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक और अहम पहल। गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 13 जगहों पर नए मोबाइल टावर लगाने की मंजूरी मिलने पर, मैंने केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलकर उनका आभार व्यक्त किया।"
सांसद ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को गढ़वाल की भौगोलिक चुनौतियों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल का ज्यादातर इलाका पहाड़ी और दुर्गम है और आज भी कई जगहों पर भौगोलिक हालात की वजह से मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी में चुनौतियां बनी हुई हैं।
इसी सिलसिले में उन्होंने केंद्रीय संचार मंत्री से आग्रह किया कि क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल में 92 और जगहों पर नए मोबाइल टावर लगवाए जाएं।
बलूनी के अनुसार, मंत्री सिंधिया ने इस मामले पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
सांसद ने कहा, "गढ़वाल के विकास और जन-सुविधाओं के विस्तार के लिए हमारी कोशिशें बिना रुके जारी रहेंगी।"
बता दें कि गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र उत्तराखंड के सबसे बड़े और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। यहां के कई गांव आज भी सीमावर्ती और ऊंचाई वाले इलाकों में बसे हैं, जहां मोबाइल कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
नए टावर लगने से न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर संचार सुविधा मिलेगी, बल्कि आपदा के समय राहत कार्यों में भी मदद मिलेगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी।
--आईएएनएस
एससीएच/डीएससी
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