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गौतमबुद्धनगर में ओवरलोड वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, मई में 206 वाहनों के चालान


गौतमबुद्ध नगर, 19 मई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया है। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।

गौतमबुद्ध नगर, 19 मई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया है। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।

मई माह में परिवहन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर 206 ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई की है। इस दौरान भारी प्रशमन शुल्क भी वसूला गया है।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि सहायक संभागीय अधिकारी (प्रवर्तन) नन्द कुमार, अभिषेक कनौजिया तथा यात्रीकर अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

अभियान के दौरान सेक्टर-142, जेवर क्षेत्र, नॉलेज पार्क, बादलपुर तथा डी-पार्क सेक्टर-62 समेत विभिन्न इलाकों में ओवरलोड वाहनों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान 206 ओवरलोड ट्रक और मिनी ट्रकों के खिलाफ चालान करते हुए उन्हें संबंधित थानों में निरुद्ध कराया गया।

विभाग द्वारा कुल 1 करोड़ 29 लाख 40 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क आरोपित किया गया, जबकि अब तक 50 लाख 80 हजार रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।

परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों और चालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि क्षमता से अधिक माल लादना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

विभाग के अनुसार, ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अधिक वजन होने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है, ब्रेक फेल हो सकते हैं, टायर फट सकते हैं और वाहन पलटने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

अधिकारियों ने बताया कि ओवरलोडिंग से ट्रकों के इंजन, सस्पेंशन, ब्रेक और टायरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वाहन जल्दी खराब होते हैं और मालिकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा भारी वाहनों से सड़कों को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। सड़कों पर गड्ढे और दरारें बढ़ने से सरकार को बार-बार मरम्मत कार्य कराना पड़ता है, जिससे सार्वजनिक धन का अतिरिक्त खर्च होता है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि ओवरलोड वाहनों में ईंधन की खपत अधिक होती है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ओवरलोडिंग गैरकानूनी है और पकड़े जाने पर 20 हजार रुपये जुर्माने के साथ प्रति टन अतिरिक्त 2 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

इसके अलावा वाहन जब्ती, परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है। परिवहन विभाग ने ट्रक चालकों, वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसायियों से अपील करते हुए कहा है कि सभी लोग वाहनों की निर्धारित क्षमता का पालन करें और ओवरलोडिंग से बचें।

विभाग का कहना है कि नियमों का पालन करने से न केवल सड़कें सुरक्षित रहेंगी, बल्कि वाहन की उम्र भी बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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