नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। संसद परिसर में राम मंदिर दान प्रकरण पर अनोखे विरोध के बाद विवादों में आए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव ने जो कुछ भी किया, वह सोच-समझकर किया।
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नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। संसद परिसर में राम मंदिर दान प्रकरण पर अनोखे विरोध के बाद विवादों में आए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव का कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बचाव किया है। उन्होंने कहा कि पप्पू यादव ने जो कुछ भी किया, वह सोच-समझकर किया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "यह देश की सच्चाई है। जो एसआईटी बनाई गई थी, उसने यह नतीजा निकाला कि चोरी (राम मंदिर के दान में गबन) वाकई हुई थी। सांसदों को एक बात समझनी चाहिए कि संसद चर्चा करने की जगह है। अगर संसद के अंदर आवाज नहीं सुनी जाएगी, तो जाहिर है कि बाहर विरोध-प्रदर्शन होंगे। सच तो यह है कि चोरी हुई थी।"
पप्पू यादव के साधु के वेश में संसद पहुंचने पर उन्होंने कहा, "गेरुआ कपड़े पहनना सिर्फ भारतीय जनता पार्टी या उसके समर्थकों का ही अधिकार नहीं है। साधु-संत गेरुआ पहनते हैं और आम लोग भी घर पर धार्मिक अनुष्ठान व पूजा-पाठ करते समय गेरुआ पहनते हैं। मेरा मानना है कि पप्पू यादव ने जो कुछ भी किया, वह सोच-समझकर किया।"
वहीं, कुलगाम में दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की हत्या पर प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कहां है आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद संपूर्ण शांति के वातावरण का दावा करने वाले गृह मंत्री? कुलगाम की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देता हूं और परिवार के लिए एक-एक करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग करता हूं। कुलगाम ही नहीं, पहलगाम दोहराया गया। पहलगाम में लोगों को पूछ-पूछकर गोली मारी गई। कश्मीर भारत का अविभाजित अंग है। आपने जो सुरक्षा की गारंटी दी थी, उसके आधार पर मजदूर वहां गए थे।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस सांसद ने कहा, "आपको माफ करने की नहीं, बल्कि माफी मांगने की जरूरत है। आपको माफी उन बच्चों से मांगनी चाहिए, जिनके शरीर में पुलिस की चलाई हुई पैलेट मौजूद हैं। आंख की रोशनी चली गई। शरीर छलनी हो गए। इसलिए माफी मांगने है तो आप माफी मांगें।"
कांग्रेस सांसद ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कटौती पर भी प्रतिक्रिया दी। प्रमोद तिवारी ने कहा, "आज सप्लाई भरपूर है और रास्ते भी खुल गए हैं। कीमतों को उसी स्तर पर वापस लाया जाना चाहिए जहां से वे शुरू हुई थीं। 200 रुपए की कटौती काफी नहीं है।"
उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी कम की जानी चाहिए, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिरी हैं। सिर्फ इतना ही काफी नहीं है। सरकार को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी कम करनी चाहिए ताकि आम लोगों को फायदा हो सके।
--आईएएनएस
डीसीएच/
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