Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

गिरफ्तारी पर रोक लगने के बाद अभिषेक बनर्जी का फरार पीए पूछताछ के लिए सीआईडी दफ्तर पहुंचा


कोलकाता, 8 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी का पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय आखिरकार शनिवार सुबह दक्षिण कोलकाता में में पूछताछ के लिए सीआईडी (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) ऑफिस पहुंचा। वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ कई मामले और एफआईआर दर्ज थीं। उसने गिरफ्तारी समेत पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा पाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटाया था।

कोलकाता, 8 अगस्त (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी का पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय आखिरकार शनिवार सुबह दक्षिण कोलकाता में में पूछताछ के लिए सीआईडी (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) ऑफिस पहुंचा। वह लंबे समय से फरार था और उसके खिलाफ कई मामले और एफआईआर दर्ज थीं। उसने गिरफ्तारी समेत पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा पाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों का दरवाजा खटखटाया था।

आखिरकार इस हफ्ते की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में उन्हें अंतरिम सुरक्षा दे दी। सुप्रीम कोर्ट से मिली इसी अंतरिम सुरक्षा के साथ रॉय शनिवार को सीआईडी दफ्तर पहुंचे।

वह शनिवार को सुबह 10 बजे से कुछ देर पहले भवानी भवन पहुंचे। सीआईडी अधिकारियों ने शुक्रवार शाम को दक्षिण कोलकाता में उनके घर पर एक नोटिस भेजा था, जिसमें उन्हें सुबह 11 बजे तक एजेंसी के दफ्तर में हाजिर होने के लिए कहा गया था।

6 अगस्त को सीजेआई जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की डिवीजन बेंच ने रॉय को साल्बोनी पुलिस स्टेशन में सुमित रॉय के खिलाफ दर्ज अवैध रूप से जमीन हड़पने के मामले में अंतरिम सुरक्षा दी।

सुप्रीम कोर्ट ने रॉय को अंतरिम सुरक्षा इस शर्त पर दी कि वह जांच में शामिल हों और जांच एजेंसी को पूरा सहयोग दें। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।

पश्चिम मिदनापुर जिले के साल्बोनी पुलिस स्टेशन में जमीन हड़पने के मामले में दर्ज केस के सिलसिले में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज किए जाने के बाद रॉय ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस तीर्थंकर घोष की सिंगल-जज बेंच ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपों की प्रकृति और जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों को देखते हुए यह मामला अग्रिम जमानत देने के लिए उपयुक्त नहीं है।

यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि रॉय ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके साल्बोनी में सरकार के कब्ज़े वाली जमीन हड़प ली और बेच दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की।

रॉय का पता उनके ज्ञात ठिकानों पर नहीं चल सका, इसलिए एक स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने पहले ही रॉय के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। जून में पुलिस टीमों ने कोलकाता के कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के घर और सेरामपुर में रॉय के ससुराल में भी तलाशी ली, लेकिन वे वहां नहीं मिले।

--आईएएनएस

एसएचके/वीसी

Share:

Leave A Reviews

Related News