
नई दिल्ली। वैश्विक गैस संकट के बीच भारत सरकार ने होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की अध्यक्षता में पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में कमर्शियल एलपीजी की मौजूदा स्थिति और इसके होटल-रेस्तरां एवं पर्यटन सेक्टर पर प्रभाव पर चर्चा की गई।
सरकार ने फैसला किया है कि व्यवसायों को अब हर महीने उनकी औसत कमर्शियल एलपीजी जरूरत का करीब 20 प्रतिशत कोटा मिलेगा, ताकि रसोईयां सुचारू रूप से चलती रहें। इसके अलावा अतिरिक्त गैस सप्लाई देने के उपायों पर भी काम किया जा रहा है। पेट्रोलियम और पर्यटन मंत्रालय उद्योग से जुड़े लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे और हालात पर नजर रखेंगे।
होटल और रेस्तरां इंडस्ट्री फिलहाल गंभीर संकट में है। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित कर दी है। भारत में 80-85 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी क्षेत्र से होता है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते। जहाजों की आवाजाही रुकने से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है।
होटल, रेस्तरां, ढाबे और पर्यटन क्षेत्र प्रभावित हैं। मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और दिल्ली में कई रेस्तरां अपने मेन्यू कम कर रहे हैं, कुछ बंद हो गए हैं या समय कम कर रहे हैं। मुंबई में करीब 20 प्रतिशत होटल-रेस्तरां पहले ही बंद हो चुके हैं, और हालात नहीं सुधरे तो 2-3 दिनों में यह संख्या 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
बैठक के बाद पुरी ने कहा कि यह संकट वैश्विक है और जंग की वजह से उत्पन्न हुआ है। घरेलू उपयोगकर्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, क्योंकि घरेलू क्षेत्र कुल खपत का 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल क्षेत्र केवल 13 प्रतिशत है। सरकार ने कहा कि राज्य सरकारों के सहयोग से कोटा जरूरतमंद व्यवसायों को दिया जाएगा, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।

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