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Google ने सभी के लिए खोला SynthID वेरिफिकेशन टूल, AI फोटो, वीडियो और आवाज की पहचान होगी आसान


नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रसार के बीच असली और नकली कंटेंट के बीच का फर्क लगातार धुंधला होता जा रहा है। एआई से तैयार की गई तस्वीरों, वीडियो और क्लोन की गई आवाजों के जरिए फैलने वाले भ्रम और डीपफेक के खतरों से निपटने के लिए टेक दिग्गज Google ने अपना बहुचर्चित SynthID वेरिफिकेशन टूल अब आम यूजर्स के लिए भी लाइव कर दिया है। पहले यह सुविधा केवल चुनिंदा रिसर्चर्स, फैक्ट-चेकर्स और मीडिया प्रोफेशनल्स तक सीमित थी, लेकिन अब दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स इसका उपयोग करके डिजिटल मीडिया फाइलों में एआई वॉटरमार्क की जांच कर सकेंगे।

क्या है SynthID तकनीक और यह कैसे करती है काम?

गूगल द्वारा वर्ष 2023 में पेश की गई SynthID एक अत्याधुनिक वॉटरमार्किंग तकनीक है। जब भी गूगल के जेमिनी (Gemini), वीओ (Veo), नैनो बनाना या विड्स (Vids) जैसे एआई मॉडल कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो फाइल तैयार करते हैं, तो यह तकनीक उस फाइल के पिक्सल और ऑडियो स्पेक्ट्रम में एक अदृश्य डिजिटल वॉटरमार्क एम्बेड कर देती है। यह वॉटरमार्क मानवीय आंखों या कानों से नहीं पकड़ा जा सकता, लेकिन SynthID वेरिफिकेशन टूल फाइल के कोड और संरचना का विश्लेषण कर यह पता लगा लेता है कि कंटेंट का निर्माण या संपादन एआई द्वारा किया गया है अथवा नहीं।

विशाल फॉर्मेट सपोर्ट: फोटो, वीडियो और ऑडियो सभी की होगी जांच

गूगल का यह टूल विभिन्न मीडिया एक्सटेंशन को सपोर्ट करता है, जिससे यूजर्स को फाइल कन्वर्जन की जरूरत नहीं पड़ती:

  • फोटो फॉर्मेट्स: JPG, JPEG, PNG, BMP, WEBP, AVIF, HEIC, HEIF, TIFF, TIF और GIF

  • वीडियो फॉर्मेट्स: MP4, MOV और WEBM

  • ऑडियो फॉर्मेट्स: WAV, MP3, OGG, FLAC, AAC और M4A

Gemini और Google Chrome में भी इंटीग्रेशन, रोजाना 10 लाख रिक्वेस्ट

गूगल ने इस जांच व्यवस्था को और अधिक सुलभ बनाने के लिए इसे अपने Gemini ऐप और Google Chrome ब्राउजर के साथ भी इंटीग्रेट किया है। गूगल के अनुसार, वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 10 लाख से अधिक कंटेंट वेरिफिकेशन रिक्वेस्ट प्रोसेस की जा रही हैं, जो डिजिटल सामग्री की प्रामाणिकता परखने के प्रति आम जनता की बढ़ती जागरूकता को दर्शाती हैं। इसके अलावा OpenAI, Nvidia और Kakao जैसी दिग्गज टेक कंपनियां भी इस मानक का समर्थन कर रही हैं, जबकि Apple, Microsoft और Meta भी कंटेंट क्रेडेंशियल और वॉटरमार्किंग के अपने मानकों पर काम कर रहे हैं।

क्या हर एआई कंटेंट पकड़ सकता है टूल? समझिए इसकी सीमाएं

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस टूल की अपनी तकनीकी सीमाएं हैं जिन्हें समझना जरूरी है:

  1. केवल सपोर्टेड वॉटरमार्क की पहचान: SynthID मुख्य रूप से उन फाइलों में वॉटरमार्क ढूंढता है जो गूगल या उसके सहयोगी एआई मॉडल्स द्वारा बनाए गए हैं। यदि किसी कंटेंट में अन्य ओपन-सोर्स या अज्ञात एआई टूल्स का उपयोग हुआ है, तो यह टूल उसे डिटेक्ट नहीं कर पाएगा।

  2. वॉटरमार्क न मिलने का मतलब 'असली' होना नहीं: यदि किसी फाइल में SynthID वॉटरमार्क नहीं मिलता, तो इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि वह सामग्री शत-प्रतिशत प्रामाणिक या कैमरा-कैप्चर है।

  3. सिर्फ एक टूल पर निर्भरता न रखें: कई बार फाइल को बार-बार कंप्रेस करने, स्क्रीनशॉट लेने या अत्यधिक री-एडिटिंग से वॉटरमार्क के सिग्नल्स कमजोर हो सकते हैं। इसलिए किसी भी संदेहास्पद सामग्री की पुष्टि के लिए उसके संदर्भ, मूल स्रोत और विश्वसनीय फैक्ट-चेकर्स का सहारा लेना अनिवार्य है।

यूजर्स कैसे करें SynthID का इस्तेमाल?

  • वेबसाइट के माध्यम से: यूजर अपने ब्राउजर में आधिकारिक पोर्टल synthid.com पर जाकर अपनी मूल फोटो, वीडियो या ऑडियो फाइल अपलोड कर सकते हैं। सिस्टम कुछ ही सेकंड में फाइल को स्कैन कर वॉटरमार्क की मौजूदगी की स्थिति स्पष्ट कर देगा।

  • Gemini के माध्यम से: यूजर जेमिनी इंटरफेस पर मीडिया फाइल अपलोड करके सीधे पूछ सकते हैं कि क्या यह इमेज, वीडियो या ऑडियो गूगल एआई के जरिए तैयार अथवा संपादित किया गया है।

Date & Time : 2026-10-15 12:04:17

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