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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण परियोजना को बड़ी सफलता, तीन नए चूजों के जन्म से संख्या बढ़कर 94 हुई


नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके भारत के दुर्लभ पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों में संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के तहत तीन नए चूजों का जन्म हुआ है।

नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुके भारत के दुर्लभ पक्षी ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को जानकारी दी कि पिछले कुछ दिनों में संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम के तहत तीन नए चूजों का जन्म हुआ है।

केंद्रीय मंत्री ने 'एक्स' पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए जन्मे तीन चूजों में से एक जंगली क्षेत्र से एकत्र किए गए अंडे से निकला है, जबकि दो चूजे कैद में दिए गए अंडों से पैदा हुए हैं।

इन नए चूजों के जन्म के साथ ही परियोजना के चौथे वर्ष में अब तक जन्म लेने वाले चूजों की कुल संख्या 26 हो गई है। वहीं संरक्षण केंद्र में मौजूद ग्रेट इंडियन बस्टर्ड पक्षियों की कुल संख्या बढ़कर 94 पहुंच गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस सीजन में अभी और चूजों के जन्म की उम्मीद है।

भूपेंद्र यादव ने बताया कि इस वर्ष जन्मे 26 चूजों में से 18 कृत्रिम गर्भाधान, 4 प्राकृतिक प्रजनन और 4 जंगली क्षेत्रों से एकत्र किए गए अंडों के माध्यम से पैदा हुए हैं।

उन्होंने कहा कि जंगली क्षेत्रों से अंडे लेने के बदले राजस्थान में विशेष 'जंपस्टार्ट इंटरवेंशन' तकनीक के जरिए जंगल में भी तीन चूजों का सफल जन्म हुआ है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पक्षियों की आनुवंशिक विविधता को बढ़ाना और शिकारियों से होने वाले खतरे को कम करना है।

इसी वर्ष मार्च में राजस्थान स्थित संरक्षण प्रजनन केंद्र में दो नए चूजों के जन्म के साथ परियोजना ने चौथे वर्ष में प्रवेश किया था। इनमें एक चूजा प्राकृतिक प्रजनन और दूसरा कृत्रिम गर्भाधान के जरिए पैदा हुआ था।

केंद्रीय मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान वन विभाग के अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

--आईएएनएस

वीकेयू/

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