ग्रेटर नोएडा, 25 जून (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल की समस्या से राहत दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर की सड़कों को डस्ट फ्री बनाने के उद्देश्य से एक विशेष संयुक्त सफाई अभियान शुरू किया है। यह अभियान 24 जून से प्रारंभ होकर 11 जुलाई तक चलेगा।
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ग्रेटर नोएडा, 25 जून (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल की समस्या से राहत दिलाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर की सड़कों को डस्ट फ्री बनाने के उद्देश्य से एक विशेष संयुक्त सफाई अभियान शुरू किया है। यह अभियान 24 जून से प्रारंभ होकर 11 जुलाई तक चलेगा।
अभियान के तहत शहर की प्रमुख सड़कों, आंतरिक मार्गों और सार्वजनिक स्थलों की व्यापक सफाई की जाएगी, ताकि वायु गुणवत्ता में सुधार हो सके और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ परियोजना एवं उद्यान विभाग की टीमों को भी इस विशेष अभियान में शामिल किया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के अनुपालन में चलाए जा रहे इस अभियान के लिए वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कार्यों की निगरानी करेंगे।
अभियान के पहले चरण में ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट क्षेत्र की 37 प्रमुख सड़कों और आंतरिक मार्गों को शामिल किया गया है। इनमें एपेक्स कोर्ट सोसाइटी से एसकेए ग्रीन सोसाइटी तक, एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी, एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन, सीवीटेक सोसाइटी से एल्डिको सोसाइटी, जीएनआईडीए फ्लैट से आयरिश प्लैटिनम सोसाइटी, ईकोटेक-12 की आंतरिक सड़कें, सेक्टर-2 और सेक्टर-16 की सड़कें, नॉलेज पार्क-5, गोल्फ कोर्ट रोटरी से डीपीएस रोटरी, 130 मीटर रोड, सूरजपुर एंट्री पॉइंट से कासना टी-पॉइंट, जीटा-1, पाई-2, डीएमआईसी से डाढ़ा गोलचक्कर तथा दादरी रेलवे लाइन से कुलेसरा तक के मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, इस अभियान के दौरान मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, मैन्युअल सफाई, फुटपाथों और सेंट्रल वर्ज की सफाई, सड़क किनारे जमा धूल और मलबे को हटाने, वॉटर स्प्रिंकलर तथा वॉटर टैंकर के माध्यम से नियमित पानी का छिड़काव किया जाएगा। विशेष बात यह है कि एक बार सफाई होने के बाद संबंधित मार्गों की आठ दिन बाद पुनः समीक्षा और सफाई भी कराई जाएगी, ताकि धूल दोबारा जमा न हो सके।
वरिष्ठ प्रबंधक स्वास्थ्य एवं अभियान के नोडल अधिकारी राजेश गौतम ने बताया कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की भी मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं बल्कि एक समग्र (कंपोजिट) व्यवस्था है, जिसमें विभिन्न विभाग मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इसके तहत एंड-टू-एंड पेवमेंट और सड़क किनारे ग्रासिंग विकसित करने की योजना भी बनाई गई है, जिससे भविष्य में धूल उड़ने की समस्या को स्थायी रूप से कम किया जा सके।
गुरुवार को अभियान के तहत एपेक्स कोर्ट से एस्टेक सोसाइटी तथा एलिट एक्स ग्रुप से सिक्का ग्रीन तक के मार्गों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने शहरवासियों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त ग्रेटर नोएडा के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। प्राधिकरण का लक्ष्य केवल सड़कों की सफाई करना नहीं, बल्कि शहर को दीर्घकालिक रूप से धूल मुक्त और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
--आईएएनएस
पीकेटी/एबीएम
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