ग्रेटर नोएडा, 12 सितंबर (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने आम लोगों को नकली सोने के आभूषण दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो पुरुषों और एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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ग्रेटर नोएडा, 12 सितंबर (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने आम लोगों को नकली सोने के आभूषण दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो पुरुषों और एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की घटना से संबंधित 1.20 लाख रुपये नकद और सोने की चैन वाली झालर बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों के दो-दो लाख रुपये की दो एफडी भी फ्रीज कराई गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को मजदूर बताकर खुदाई में सोना-चांदी मिलने की झूठी कहानी सुनाकर पीड़ित को अपने जाल में फंसाया और इसके बाद नकली सोने के आभूषण देकर लाखों रुपये की ठगी की।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पीड़ित की ओर से थाना बिसरख में शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया था कि दो अज्ञात पुरुषों और एक महिला ने उसके पिता को नकली सोने के आभूषणों से भरा बैग देकर टप्पेबाजी की और उनसे लाखों रुपये ठग लिए।
घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने स्थानीय खुफिया तंत्र और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद ली। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद 12 सितंबर यानी शनिवार को थाना बिसरख पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को चार मूर्ति से एटीएस गोल चक्कर की तरफ जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनी ( महिला, जिसकी उम्र करीब 40 वर्ष है), मोहन (करीब 43 वर्ष) और धर्मा (करीब 45 वर्ष) के रूप में हुई है। मनी और मोहन मूल रूप से उत्तम नगर, दिल्ली की जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं और वर्तमान में ग्राम पुराना हैबतपुर, थाना बिसरख क्षेत्र में रह रहे थे। वहीं धर्मा भागीरथी विहार, भजनपुरा, दिल्ली का रहने वाला है और वर्तमान में पुराना हैबतपुर में रह रहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों के ठगी करने के तरीके का भी खुलासा हुआ है। आरोपी खुद को लेबर या मजदूरी का काम करने वाला बताते थे। इसके बाद वे किसी आम व्यक्ति को भरोसे में लेकर बताते थे कि उन्हें कहीं खुदाई के दौरान सोना या चांदी मिला है और वे उसे बेचकर रुपये कमाना चाहते हैं। इस तरह वे सामने वाले व्यक्ति का विश्वास जीतने की कोशिश करते थे।
पुलिस के मुताबिक, विश्वास कायम होने के बाद आरोपी एक-दो दिन का समय लेकर संबंधित व्यक्ति को नकली सोने-चांदी के आभूषण दिखाते थे। इसके बाद बेहद कम कीमत में आभूषण बेचने का लालच दिया जाता था। कम कीमत में सोना मिलने के लालच में व्यक्ति आरोपियों के झांसे में आ जाता था। इसके बाद आरोपी नकली आभूषण देकर रुपये लेकर फरार हो जाते थे।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले इस तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और ठगी के मामलों में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
--आईएएनएस
पीकेटी/एएसएच
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