बेंगलुरु, 23 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने बुधवार को राज्य सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार 'गृह लक्ष्मी योजना' के तहत मिलने वाली मासिक सहायता के लिए नई शर्तें लागू करके लाभार्थियों को अनावश्यक जांच और उत्पीड़न का शिकार बना रही है। ये नई शर्तें री-वेरिफिकेशन (पुनः सत्यापन) प्रक्रिया के तहत लाभार्थी के आधार कार्ड के साथ उनके पति का आधार नंबर जोड़ने को अनिवार्य बनाने से जुड़ी हैं।
![]()
बेंगलुरु, 23 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने बुधवार को राज्य सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार 'गृह लक्ष्मी योजना' के तहत मिलने वाली मासिक सहायता के लिए नई शर्तें लागू करके लाभार्थियों को अनावश्यक जांच और उत्पीड़न का शिकार बना रही है। ये नई शर्तें री-वेरिफिकेशन (पुनः सत्यापन) प्रक्रिया के तहत लाभार्थी के आधार कार्ड के साथ उनके पति का आधार नंबर जोड़ने को अनिवार्य बनाने से जुड़ी हैं।
अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान सभी महिलाओं को बिना किसी शर्त के हर महीने 2,000 रुपए देने का वादा किया था लेकिन अब लाभार्थियों की दोबारा जांच के बहाने नए नियम लागू कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि बदली हुई प्रक्रिया के तहत लाभार्थी के पति के आधार नंबर को लाभार्थी के आधार से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लाभार्थियों को 17 सवालों वाला एक नया आवेदन जमा करना होगा और अधिकारी बायोमेट्रिक या चेहरे की पहचान (फेशियल वेरिफिकेशन) के लिए उनके घर आएंगे।
अशोक के अनुसार, नई शर्तों में पति का आधार लिंक करना, लाभार्थी के नाम और पते का आधार रिकॉर्ड से मिलान करना और बिना किसी लोन वाला बैंक खाता रखना शामिल है।
अशोक ने पूछा, "कांग्रेस सरकार को कर्नाटक की माताओं के आत्मसम्मान पर इतना शक क्यों है? उन्हें दिए जाने वाले 2,000 रुपये के लिए इतनी परेशानी क्यों दी जा रही है?"
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ये अतिरिक्त शर्तें इसलिए लागू की हैं क्योंकि वह इस योजना के तहत भुगतान जारी रखने के लिए संसाधन नहीं जुटा पा रही है। उन्होंने दावा किया कि नई जांच प्रक्रिया का मकसद लाभार्थियों की संख्या कम करना और योजना पर होने वाले खर्च में कटौती करना है।
अशोक ने कहा कि सरकार महिला लाभार्थियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है जैसे वे संदिग्ध हों; बार-बार उनकी जांच की जा रही है और अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह उन नियमों को तुरंत वापस ले जिन्हें उन्होंने 'बेमतलब के नियम' बताया और बार-बार जांच के लिए लाभार्थियों के घर अधिकारियों को भेजना बंद करे।
अशोक ने चेतावनी दी कि अगर नए नियम वापस नहीं लिए गए, तो भाजपा महिलाओं के समर्थन में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी और कांग्रेस सरकार का 'असली चेहरा' बेनकाब करेगी।
'गृह लक्ष्मी' योजना कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई पांच गारंटी योजनाओं में से एक है, जिसके तहत घर की पात्र महिला मुखिया को हर महीने आर्थिक मदद दी जाती है।
गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार ने मौजूदा 'गृह लक्ष्मी' लाभार्थियों की राज्यव्यापी दोबारा जांच शुरू कर दी है ताकि मृत, डुप्लीकेट और अयोग्य लाभार्थियों की पहचान की जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर महीने मिलने वाली 2,000 रुपए की मदद पात्र महिलाओं तक पहुंचे।
सरकार ने अगस्त 2026 के आखिर में यह आदेश जारी किया था, जिसमें घर-घर जाकर बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान के जरिए जांच की जानी है। नई प्रक्रिया के तहत, डेटा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी घरों में जाकर लाभार्थी, परिवार, आधार, वोटर आईडी/ईपीक और बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं।
संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार, वेरिफिकेशन फॉर्म में 17 सवाल हैं और परिवार के मुखिया/पति के आधार को लिंक करने और आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट जैसी जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
--आईएएनएस
एससीएच/पीएम
Leave A Reviews