बीजिंग, 10 जून (आईएएनएस)। दो दिवसीय शास्त्रीय अध्ययन की दूसरी विश्व कांग्रेस का उद्घाटन 9 जून को ग्रीस के एथेंस में "प्राचीन और आधुनिक काल के बीच संवाद: शास्त्रीय ज्ञान का आधुनिक प्रकटीकरण" विषय के साथ हुआ। इसमें चीन और ग्रीस के सम्बंधित विभागों के अधिकारियों, विश्व भर के शास्त्रीय अध्ययन और सम्बंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों और विद्वानों, ग्रीस में राजदूतों और मीडिया प्रतिनिधियों सहित 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
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बीजिंग, 10 जून (आईएएनएस)। दो दिवसीय शास्त्रीय अध्ययन की दूसरी विश्व कांग्रेस का उद्घाटन 9 जून को ग्रीस के एथेंस में "प्राचीन और आधुनिक काल के बीच संवाद: शास्त्रीय ज्ञान का आधुनिक प्रकटीकरण" विषय के साथ हुआ। इसमें चीन और ग्रीस के सम्बंधित विभागों के अधिकारियों, विश्व भर के शास्त्रीय अध्ययन और सम्बंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों और विद्वानों, ग्रीस में राजदूतों और मीडिया प्रतिनिधियों सहित 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने बताया कि नवंबर 2024 में चीन के पेइचिंग में शास्त्रीय अध्ययन की पहली विश्व कांग्रेस की सफल मेजबानी के बाद से, चीन और ग्रीस ने पहली कांग्रेस के परिणामों को सक्रिय रूप से लागू करने के लिए मिलकर काम किया है, जिससे शास्त्रीय अध्ययन में संवाद और आदान-प्रदान का एक नेटवर्क स्थापित हुआ है। चीनी शास्त्रीय सभ्यता अकादमी सहित शैक्षणिक संस्थानों ने शास्त्रीय अध्ययन के सशक्त विकास को बढ़ावा देने के लिए अपनी क्षमताओं का उपयोग किया है, और सभ्यताओं के बीच पारस्परिक शिक्षा और आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रतिभागियों का मानना था कि शास्त्रीय सभ्यता में गहन मानवतावादी विरासत और अद्वितीय ज्ञान निहित है, जो निरंतर मानव विकास के लिए आध्यात्मिक पोषण प्रदान करता है और सभी राष्ट्रों की समृद्धि और प्रगति के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा देता है। सभ्यतागत विविधता को बनाए रखने और आपसी ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देने के लिए शास्त्रीय अध्ययन को गहन बनाना और अंतर-कालिक संवाद संचालित करना आवश्यक है। यह समय के साथ कदम मिलाकर चलने और सभ्यता को उसकी जड़ों की ओर वापस ले जाकर नवाचार की ओर अग्रसर करने का एक अनिवार्य मार्ग भी है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
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