Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामले बढ़कर 39 हुए, मृतकों की संख्या हुई 23


गांधीनगर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के शनिवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 8 अगस्त तक चांदीपुरा वायरस के 217 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 39 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पुष्ट मामलों में 23 मरीजों की मौत दर्ज की गई है।

गांधीनगर, 8 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात में चांदीपुरा वायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के शनिवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून से 8 अगस्त तक चांदीपुरा वायरस के 217 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इनमें से 39 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पुष्ट मामलों में 23 मरीजों की मौत दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संदिग्ध मामलों के अधिकांश नमूनों की प्रयोगशाला जांच पूरी हो चुकी है। 217 में से 208 नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जबकि 9 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

राज्य में निगरानी और जांच अभियान तेज किए जाने के बाद मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। इससे पहले 14 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग ने 27 संदिग्ध मामलों की जानकारी दी थी। उस समय 7 मामलों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी, 12 रिपोर्ट्स निगेटिव आई थीं और 8 रिपोर्ट का इंतजार था। उस चरण में वायरस से संक्रमित तीन बच्चों की मौत हुई थी।

इस प्रकोप को लेकर सबसे पहले पंचमहल जिले से मामला सामने आया था, जहां गोधरा तालुका के दो गांवों के दो छोटे बच्चों की वायरस से संक्रमित होने के बाद मौत हो गई थी।

इन मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण और कीटनाशक छिड़काव अभियान तेज कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक, पंचमहल जिले में सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मियों की टीमों को लोगों की जांच और नमूने एकत्र करने के लिए तैनात किया गया था।

जुलाई के मध्य तक संक्रमण के संदिग्ध मामलों में और वृद्धि हुई तथा राज्य के कई जिलों से मामले सामने आने लगे।

विशेषज्ञों के अनुसार, चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से सैंडफ्लाई (रेतीली मक्खी) के जरिए फैलता है और खासतौर पर बच्चों में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम का कारण बन सकता है। यह बीमारी तेजी से गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए समय पर पहचान और उपचार बेहद जरूरी माना जाता है।

बता दें कि अगस्त के पहले सप्ताह में जारी एक ब्रीफिंग में 184 संदिग्ध मामले, 35 पुष्ट संक्रमण और 22 मौतों की जानकारी दी गई थी। ताजा आंकड़ों में संदिग्ध और पुष्ट मामलों के साथ-साथ मृतकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि राज्यभर में निगरानी, जांच और नमूना परीक्षण की प्रक्रिया लगातार जारी है। अब सभी की नजर उन 9 लंबित रिपोर्टों पर है, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि संदिग्ध मामलों में और कितने संक्रमण की पुष्टि होती है।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News