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गुजरात में फूड सेफ्टी अभियान तेज : 386 हॉस्टल और कैंटीनों का निरीक्षण, जांच के लिए भेजे गए 194 खाद्य नमूने


गांधीनगर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने सूरत के एक छात्रावास में कथित फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद राज्यभर में खाद्य सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 386 हॉस्टल और कैंटीनों का निरीक्षण किया गया है। साथ ही 194 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और दो संस्थानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

गांधीनगर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने सूरत के एक छात्रावास में कथित फूड पॉइजनिंग की घटना के बाद राज्यभर में खाद्य सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 386 हॉस्टल और कैंटीनों का निरीक्षण किया गया है। साथ ही 194 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और दो संस्थानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिन 386 संस्थानों का निरीक्षण किया गया है, उनमें 100 सरकारी, 71 अर्द्ध-सरकारी और 213 निजी हॉस्टल एवं कैंटीन शामिल हैं। जांच के दौरान 102 सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 18 हॉस्टल और कैंटीनों ने सफाई और सुधारात्मक कार्रवाई के लिए स्वेच्छा से अपना संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा कि कई हॉस्टलों की रसोइयों में गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियां पाई गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लापरवाही के कारण छात्र बीमार पड़ते हैं तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

उन्होंने कहा, ''जब हॉस्टलों में फूड पॉइजनिंग जैसी घटनाएं होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी हॉस्टल प्रबंधन की होती है। ऐसी घटनाएं गंभीर लापरवाही के कारण सामने आती हैं। अभिभावक अपने बच्चों को निजी हॉस्टलों में रखने के लिए शुल्क देते हैं, जबकि सरकारी हॉस्टलों पर सरकार खर्च करती है। हॉस्टल प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करे तथा बासी या दूषित भोजन न परोसा जाए।''

यह व्यापक जांच अभियान सूरत स्थित पीपी सवानी इंटरनेशनल स्कूल के छात्रावास में 13 सितंबर को हुई घटना के बाद शुरू किया गया। यहां डिनर के बाद करीब 85 छात्रों ने पेट दर्द और उल्टी की शिकायत की थी।

छात्रावास में लगभग 2,200 छात्र और कर्मचारी रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोजन के कुछ घंटे बाद कई छात्रों में लक्षण दिखाई देने लगे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

घटना के बाद सूरत नगर निगम ने छात्रावास की रसोई से खाद्य नमूने एकत्र किए और जांच के लिए भेज दिए। अधिकारियों ने कहा है कि अभी तक बीमारी का सटीक कारण फूड पॉइजनिंग होना साबित नहीं हुआ है और जांच जारी है।

बताया गया कि उस दिन रात के खाने में पनीर-मटर, रोटी, फ्राइड राइस और छाछ परोसी गई थी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जांच के दौरान लगभग 200 हॉस्टलों ने अपनी रसोइयों की सफाई करवाई, क्योंकि उनमें कमियां पाई गई थीं। वहीं दो संस्थानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं। कई हॉस्टलों की रसोइयों में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ हालात मिले हैं। उन्हें सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नोटिस भी जारी किए गए हैं। आने वाले दिनों में निरीक्षण का दूसरा चरण भी चलाया जाएगा।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

Date & Time : 2026-09-16 20:05:02

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