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गुजरात में शिक्षा योजना के तहत छात्राओं की उपस्थिति और साइंस में दाखिले बढ़े


गांधीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। गुजरात के सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने वाली छात्राओं की संख्या पिछले साल की तुलना में 73 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि साइंस स्ट्रीम की कक्षाओं में उपस्थिति 125 प्रतिशत बढ़ी है।

गांधीनगर, 22 जून (आईएएनएस)। गुजरात के सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखने वाली छात्राओं की संख्या पिछले साल की तुलना में 73 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि साइंस स्ट्रीम की कक्षाओं में उपस्थिति 125 प्रतिशत बढ़ी है।

सोमवार को राज्य के 'विद्या समीक्षा केंद्र' द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला कि कक्षा 9 से 12 तक कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाली लड़कियों की संख्या 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में 1,71,988 से बढ़कर 2025-26 में 2,96,495 हो गई, जो 1,24,507 छात्राओं की वृद्धि है।

यह डाटा 'नमो लक्ष्मी योजना' के असर के सबूत के तौर पर पेश किया गया। इस योजना को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में शुरू किया गया था, ताकि छात्राएं बिना किसी रुकावट के (आर्थिक तंगी के कारण) कक्षा 12 तक अपनी शिक्षा पूरी कर सकें।

सरकार ने कहा कि छात्रों की उपस्थिति की निगरानी 'विद्या समीक्षा केंद्र' के माध्यम से ऑनलाइन की जाती है।

कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि के अलावा, पूरी या 100 प्रतिशत उपस्थिति हासिल करने वाली लड़कियों की संख्या में भी पिछले साल की तुलना में 62,059 की वृद्धि हुई है।

इस योजना के साथ-साथ सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी शिक्षा में लड़कियों के दाखिले में भी वृद्धि हुई है।

दाखिला लेने वाली छात्राओं की संख्या 2024-25 में 13,29,762 से बढ़कर 2025-26 में 13,91,308 हो गई, जो लगभग 4.63 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

सबसे अधिक वृद्धि कक्षा 12 में दर्ज की गई, जहां दाखिले में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे पता चलता है कि अधिक संख्या में लड़कियां हायर सेकेंडरी स्तर पर अपनी शिक्षा जारी रख रही हैं।

सरकार ने कहा कि 'नमो लक्ष्मी योजना' के तहत लाभार्थियों को अब तक कुल 1,664.06 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। समीक्षा के साथ जारी किए गए डाटा से पता चलता है कि 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' शुरू होने के बाद साइंस की पढ़ाई में छात्रों की उपस्थिति और एनरोलमेंट में बढ़ोतरी हुई है। इस योजना को छात्रों को साइंस स्ट्रीम में पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से शुरू किया गया था।

विद्या समीक्षा केंद्र के मुताबिक, साइंस क्लासरूम में 80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों की संख्या 2024-25 में 19,324 से बढ़कर 2025-26 में 43,533 हो गई, जो लगभग 125 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

सरकार ने कहा कि साइंस स्ट्रीम की क्लास में 81 प्रतिशत से 99 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करने वाले छात्रों की संख्या में साल भर में 24,209 की बढ़ोतरी हुई।

इस दौरान साइंस स्ट्रीम में एनरोलमेंट भी बढ़ा। साइंस में एनरोलमेंट कराने वाले छात्रों की संख्या 2024-25 में 2,40,556 से बढ़कर 2025-26 में 2,55,804 हो गई, जो लगभग 6.34 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। कक्षा 12 साइंस में एनरोलमेंट में 11.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अधिकारियों ने कहा, "यह गुजरात के युवाओं में साइंस और टेक्नोलॉजी के प्रति बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।"

'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना' के तहत अब तक लाभार्थियों को 290 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।

सरकार ने इन पहलों को शिक्षा पर व्यापक जोर देने से जोड़ा। प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए सरकार ने कहा कि उन्होंने हमेशा राष्ट्रीय विकास के लिए अच्छी शिक्षा के महत्व पर जोर दिया है और कहा है कि, "शिक्षा में देश को सफल बनाने और उसकी किस्मत बदलने की ताकत है।"

अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान, पीएम मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में कई कदम उठाए थे और 'शाला प्रवेशोत्सव' और 'कन्या केलवणी रथ यात्रा' जैसे कार्यक्रमों ने पूरे राज्य में प्राइमरी शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी।

सरकार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में कई शिक्षा पहल शुरू की गई हैं, जिनमें 'नमो लक्ष्मी योजना', 'नमो सरस्वती विज्ञान साधना योजना', 'मुख्यमंत्री ज्ञान सेतु मेरिट स्कॉलरशिप योजना' और 'मुख्यमंत्री ज्ञान साधना मेरिट स्कॉलरशिप योजना' शामिल हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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