गांधीनगर, 7 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दीपावली पर्व से पूर्व शनिवार को अहमदाबाद में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा की स्थिति सहित संवेदनशील विषयों की सर्वग्राही समीक्षा की।
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गांधीनगर, 7 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दीपावली पर्व से पूर्व शनिवार को अहमदाबाद में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा की स्थिति सहित संवेदनशील विषयों की सर्वग्राही समीक्षा की।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के गृह विभाग तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा-परामर्श किया।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था, साइबर क्राइम, पुलिस मॉडर्नाइजेशन, बॉर्डर तथा कोस्टल सिक्योरिटी, मादक पदार्थ नियंत्रण, डिजास्टर मैनेजमेंट, फॉरेंसिक मामलों, आतंकवाद नियंत्रण, अंतरराज्यीय सहयोग, आपराधिक न्याय प्रणाली, सीएए, जनगणना, अग्निवीर योजना, जेल एवं विशेष अदालतों से संबंधित विषयों पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
केंद्रीय गृह विभाग द्वारा राज्य में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों के बारे में विभिन्न मुद्दों, राज्य की स्थिति और कार्यों की समीक्षा के बारे में जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत केन्द्रीय गृह मंत्री ने राज्य में अकाल की स्थिति, किसानों की समस्याओं, लव जिहाद, आर्थिक अपराध, सीमावर्ती जिलों की स्थिति से जुड़े मामलों तथा अतिक्रमण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य सरकार को आवश्यक सुझाव और दिशा-निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य में अवैध बांग्लादेशी लोगों की स्थिति, पॉक्सो मामलों, एनडीपीएस (नारकोटिक्स ड्रग्स), आईसीजेएस/सीसीटीएनएस, एफआईआर, आरोपपत्र, ई-साक्ष्य एप्लिकेशन, ई-समन के क्रियान्वयन के बारे में, मेडिको लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्टमार्टम रिपोर्टिंग सिस्टम, मॉडल जेल अधिनियम, मॉडल जेल मैनुअल, मोबाइल फॉरेंसिक वैन, विभिन्न विभागों व संस्थाओं में मानवबल की आवश्यकता और उसे पूरा करने की योजना सहित इन्वेस्टिगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेन्सेस (आईटीएसएसओ) सहित विभिन्न विषयों की स्थिति से भी अवगत कराया।
बैठक में राज्य में न्यायपालिका से संबंधित विभिन्न मामलों, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम, न्यायालय संबंधी विषयों, सांध्य अदालत, तकनीकी साक्ष्यों पर अधिक ध्यान देकर तेज कार्रवाई करने, न्यायालयों में आवश्यक भर्तियों, पब्लिक प्रॉसीक्यूटर्स की संख्या बढ़ाने तथा पब्लिक प्रॉसीक्यूशन सिस्टम को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकार के गृह विभाग सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में राज्य में साइबर क्राइम के विभिन्न आयामों के क्रियान्वयन, एस4सी की स्थापना, 1930 हेल्पलाइन, सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन एनालिटिकल रिपॉजिटरी, साइबर कमांडो, आतंकवाद नियंत्रण, यूए(पी)ए डेडिकेटेड सेल, मॉडल एटीएस संरचना, पोर्टल पर नियमित डेटा अपडेट, एनटीडीएफएसी, डिस्ट्रिक्ट पुलिस मॉड्यूल के उपयोग की अद्यतन स्थिति, विदेशी नागरिकों की निर्धारित प्रवास अवधि के आँकड़ों और जिलों में विदेशी नागरिकों के प्रवास की स्थिति, फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल के उपयोग में राज्य की स्थिति, जिलेवार नागरिकता डेटा (सीएए), पलायनकारियों के प्रत्यर्पण से संबंधित व्यवस्थाओं तथा पसरा पोर्टल के बारे में भी राज्य की स्थिति की जानकारी देने के साथ क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में राज्य में कोस्टल सिक्योरिटी की स्थिति तथा सीमा सुरक्षा से संबंधित संदिग्ध गतिविधियों, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की स्थिति, आपदा प्रबंधन में एसडीआरएफ की स्थापना, क्षमता निर्माण और उपलब्धता, एसडीएमएफ (स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट फंड) की उपलब्धता की स्थिति और क्रियान्वयन, नेशनल डिजास्टर मिटिगेशन फंड, अहमदाबाद में शहरी बाढ़ निवारण की योजनाओं और कार्यों की स्थिति, राज्य में शत्रु संपत्ति की वर्तमान स्थिति, आर्म्स लाइसेंस सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया और विभिन्न मामलों में सुधार के लिए सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।
राज्य के मुख्य सचिव मनोज कुमार दास ने केन्द्रीय गृह मंत्री सहित केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ आयोजित पूर्व की बैठक में हुई चर्चा तथा क्रियान्वयन के मुद्दों और राज्य में उनके क्रियान्वयन की स्थिति से अवगत कराया। इसके अंतर्गत मुख्य सचिव ने सिक्योरिटी और बॉर्डर मैनेजमेंट से संबंधित विभिन्न विषयों पर दिए गए सुझावों और उन पर किए गए कार्यों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
केंद्रीय गृह मंत्री ने वर्ष 2029 तक नशामुक्त भारत का ध्येय साकार करने के लिए राज्य में नारकोटिक्स ड्रग्स तथा नशीले पदार्थों के नियंत्रण के लिए कड़ाई से कार्रवाई करने और एक्शन प्लान बनाने, 1933 कंट्रोल रूम के विस्तार, सभी एजेंसियों द्वारा सघन ड्राइव चलाने सहित विभिन्न आयामों के साथ व्यापक सामाजिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।
--आईएएनएस
एएमटी/वीसी
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