सूरत, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने पूरे भारत में महिलाओं को वजन घटाने और त्वचा के इलाज की दवाओं के नाम पर ठगा। पुलिस के अनुसार, जांच के केंद्र में रही कंपनी से जुड़े बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेनदेन हुए हैं।
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सूरत, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। सूरत शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने पूरे भारत में महिलाओं को वजन घटाने और त्वचा के इलाज की दवाओं के नाम पर ठगा। पुलिस के अनुसार, जांच के केंद्र में रही कंपनी से जुड़े बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेनदेन हुए हैं।
आरोप है कि आरोपी 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस', 'वैदिक वर्ल्ड', 'दिव्या अंतरा वेलनेस एलएलपी' और 'ग्लोजेनिक स्किन केयर' जैसी कंपनियों के जरिए काम करते थे। वे ग्राहकों को लुभाने के लिए सोशल मीडिया पर विज्ञापन देते थे और असरदार इलाज का वादा करते थे।
पुलिस के अनुसार, वे कूरियर डिलीवरी करने वाले कर्मचारियों का भेष धरकर लोगों के पास जाते थे, ताकि पार्सल पहुंचा सकें और ग्राहकों से सीधे नकद पैसे ले सकें।
ये गिरफ्तारियां एक शिकायत की जांच के बाद की गई हैं। इसमें एक महिला ने आरोप लगाया था कि व्हाट्सएप पर 'डॉ. आकाश मल्होत्रा' बनकर आए एक व्यक्ति ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।
महिला की त्वचा संबंधी समस्याओं के बारे में पूछने के बाद आरोपी ने उससे त्वचा की दवाओं के नाम पर 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' के क्यूआर कोड पर 8,000 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा।
लेकिन, उसे कूरियर के जरिए वजन कम करने की दवाएं मिलीं। पुलिस ने बताया, "इसके बाद आरोपियों ने त्वचा की दवाओं के नाम पर उससे 9,000 रुपए और ले लिए, जबकि पहले दिए गए 8,000 रुपए भी वापस नहीं किए गए।"
सूरत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' ने इससे पहले भी सूरत की एक अन्य महिला के साथ 1,77,40,500 रुपए (1.77 करोड़ रुपए) की धोखाधड़ी की थी।
तकनीकी जांच के बाद, पुलिस ने सूरत में जाल बिछाया और 'राहुल राज' के नाम से काम करने वाले एक कूरियर डिलीवरी कर्मचारी को पकड़ लिया। उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित कंपनी के कॉल सेंटर तक पहुंची और वहां छापा मारा।
बताया जा रहा है कि यहां पर लगभग 160 लोग काम कर रहे थे, जिनमें टेली-कॉलर, सलाहकार और कूरियर डिलीवरी कर्मचारी शामिल थे। पिछले मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि इस पूरे खेल के मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बच निकले थे।
पुलिस ने बताया कि जांच के सिलसिले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान इस प्रकार है: 31 वर्षीय अमित गौरव, जो 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' और 'ग्लोजेनिक स्किन केयर' के डायरेक्टर हैं; 30 वर्षीय पंकज, जो 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' और 'दिव्या अंतरा वेलनेस एलएलपी' के डायरेक्टर हैं; 43 वर्षीय रूपेश कुमार और 43 वर्षीय पुनीत कुमार, जो दोनों 'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' में पार्टनर हैं; और 24 वर्षीय दीपक कुमार, जो कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करते थे।
ये आरोपी दिल्ली, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि पुनीत कुमार मूल रूप से पंजाब का है। पुलिस के अनुसार, ये कंपनियां सोशल मीडिया पर आकर्षक पैकेजिंग, उत्पादों की तस्वीरों और वजन घटाने व त्वचा के इलाज के दावों के साथ अपनी दवाओं का विज्ञापन करती थीं।
ग्राहकों को बताया जाता था कि उत्पाद मानक कूरियर कंपनियों के जरिए पहुंचाए जाएंगे। हालांकि, असल में इन कंपनियों के कर्मचारियों को दिल्ली से हवाई जहाज या ट्रेन के जरिए भेजा जाता था। ये कर्मचारी कूरियर डिलीवरी करने वाले व्यक्ति बनकर ग्राहकों को पार्सल सौंपते थे और उनसे नकद भुगतान लेते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि कंपनी के बैंकिंग और पेमेंट खातों के जरिए बड़े पैमाने पर लेनदेन हुआ है।
'क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस' के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते में 1 जनवरी से 29 जून, 2026 के बीच 6.99 करोड़ रुपए आए, जबकि इसके कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 7 अप्रैल, 2025 से 29 जून, 2026 के बीच 6.58 करोड़ रुपए जमा हुए। पुलिस ने बताया कि कंपनी के 'रेजरपे' मर्चेंट अकाउंट के जरिए भी 8.30 करोड़ रुपए का लेनदेन दर्ज किया गया है।
--आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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