Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

गुजरात ने अनुसूचित छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का किया विस्तार, 18 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी


गांधीनगर, 19 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने 18 करोड़ रुपए की एक स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत मध्यम आय वाले परिवारों से आने वाले अनुसूचित जाति के पुरुष छात्रों को ‘पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप’ का लाभ दिया जाएगा।

गांधीनगर, 19 मई (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने 18 करोड़ रुपए की एक स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत मध्यम आय वाले परिवारों से आने वाले अनुसूचित जाति के पुरुष छात्रों को ‘पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप’ का लाभ दिया जाएगा।

इसके लिए पात्रता के मानदंडों का विस्तार किया गया है, जिससे अनुमानित तौर पर 2026-27 के शैक्षणिक वर्ष में लगभग 3,000 अतिरिक्त छात्रों को वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

अनुसूचित जाति की छात्राओं के लिए यह योजना पहले से ही मौजूद है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के एक बयान के अनुसार, यह मंजूरी मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा के नेतृत्व में दी गई है।

संशोधित प्रावधान के तहत वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 6 लाख रुपए कर दिया गया है। इससे इस आय वर्ग के परिवारों से आने वाले छात्रों को पहली बार राज्य-समर्थित शैक्षिक सहायता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

अधिकारियों ने बताया कि पहले के नियमों के तहत केंद्र प्रायोजित ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ में केवल उन अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को ही पात्र माना जाता था, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए तक थी।

इस नई व्यवस्था के तहत जिन परिवारों की आय 2.5 लाख रुपए से 6 लाख रुपए के बीच है, उनके छात्रों को अब राज्य की फंडिंग से सहायता दी जाएगी। इससे निम्न-मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए कवरेज में मौजूद कमी को दूर किया जा सकेगा।

यह योजना एक शैक्षणिक भत्ता और स्वीकृत गैर-वापसी योग्य शुल्कों की प्रतिपूर्ति भी प्रदान करेगी।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भुगतान में देरी कम करने के लिए, सभी वित्तीय सहायता ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

पात्रता मानदंडों के अनुसार, कक्षा 10 या कक्षा 12 के बाद डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए यह जरूरी है कि उन्होंने अपनी योग्यता परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।

स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए, कक्षा 12 में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं।

उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए डिग्री या डिप्लोमा स्तर पर कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ निरंतर अच्छा शैक्षणिक प्रदर्शन भी आवश्यक होगा।

विभाग ने कहा कि इसका कार्यान्वयन केंद्र प्रायोजित ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।

आवेदन जमा करने से लेकर मंजूरी तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी।

प्रगति पर नजर रखने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए डीबीटी पोर्टल और मुख्यमंत्री के डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

किसी भी आवश्यक उपकरण या किट की खरीद, जहां लागू हो, विशेष रूप से गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से की जाएगी।

यह योजना स्वीकृत बजट आवंटन के दायरे में संचालित होगी और इसमें लाभार्थियों की संख्या 3,000 तक सीमित होगी। इसकी देखरेख का कार्य अनुसूचित जाति कल्याण निदेशक द्वारा किया जाएगा।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने समय-समय पर सामाजिक ऑडिट और तीसरे पक्ष द्वारा सत्यापन का भी प्रावधान किया है, जिनकी रिपोर्ट समीक्षा के लिए राज्य सरकार को सौंपी जाएंगी।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News