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गुजरात: पालीताना तीर्थ स्थल पर शेरों पर नजर रखने के लिए चार वॉच टावर और ड्रोन की योजना


गांधीनगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को कहा कि वन विभाग एशियाई शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए पालीताना की शत्रुंजय पहाड़ी पर ड्रोन, ट्रैकिंग टीमें और नए वॉच टावर तैनात करेगा।

गांधीनगर, 18 अगस्त (आईएएनएस)। गुजरात के वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को कहा कि वन विभाग एशियाई शेरों की गतिविधियों पर नजर रखने और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बेहतर करने के लिए पालीताना की शत्रुंजय पहाड़ी पर ड्रोन, ट्रैकिंग टीमें और नए वॉच टावर तैनात करेगा।

गांधीनगर में मोढवाडिया की अध्यक्षता में 'श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी' के जैन नेताओं के साथ हुई बैठक में भावनगर जिले के इस प्रमुख जैन तीर्थ स्थल पर बार-बार शेरों के देखे जाने के बाद इन उपायों पर चर्चा की गई। इस बैठक में राज्य मंत्री प्रवीण माली भी मौजूद थे।

मोढवाडिया ने कहा कि ड्रोन, चार प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और चार प्री-फैब्रिकेटेड सेंटर-कम-केबिन का इस्तेमाल करके 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। पहाड़ी पर पैदल जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए शेरों की गतिविधियों की लगातार ट्रैकिंग और स्कैनिंग भी की जाएगी।

मोढवाडिया ने कहा, "वन विभाग ने पिछले एक साल में इस इलाके में शेरों की गतिविधियों को बारीकी से देखा और उनका विश्लेषण किया है।"

उन्होंने कहा कि शेर आम तौर पर उकसाए जाने पर ही इंसानों पर हमला करते हैं, लेकिन परेशान या तंग किए जाने पर ऐसा कर सकते हैं। जंगली जानवरों की मौजूदगी को देखते हुए उन्होंने तीर्थयात्रियों को सलाह दी कि वे सूरज उगने के बाद चढ़ाई शुरू करें और सूरज डूबने से पहले अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर लें।

मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस इलाके को 'साइलेंट जोन' घोषित करने पर विचार करेगी।

उन्होंने कहा, "शेरों की ट्रैकिंग और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए स्थानीय युवाओं को अस्थायी रूप से काम पर रखा जाएगा, साथ ही पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए चढ़ाई को आसान बनाने के लिए तीर्थयात्रा मार्ग की मरम्मत की जाएगी।"

उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आने वाले समय में प्रस्तावित व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लागू करने का निर्देश दिया।

बैठक में जन जागरूकता और समन्वय, वन और वन्यजीव संरक्षण, बुनियादी ढांचा और आवास प्रबंधन, शेर की ट्रैकिंग और स्कैनिंग, सीढ़ियों वाले प्री-फैब्रिकेटेड वॉच टावर और सेंटर-कम-केबिन, मानव संसाधन और क्षमता निर्माण, ड्रोन तकनीक, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, साइलेंट जोन की संभावना और '6 गौ यात्रा' जैसी विशेष गतिविधियों पर भी चर्चा की गई।

वन विभाग ने सुरक्षा के प्रस्तावित उपाय पेश किए। अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पिछले एक साल में शत्रुंजय पहाड़ी के आसपास शेरों की मौजूदगी और गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी है।

यह कदम तीर्थयात्रा मार्ग के आसपास शेरों के देखे जाने की घटनाओं पर बढ़ते ध्यान के बाद उठाया गया है। हाल के महीनों में शत्रुंजय पहाड़ी और उसके आस-पास एशियाई शेर देखे गए हैं, जिनमें जून में पहाड़ी पर शेर का दिखना भी शामिल है।

मोढवाडिया ने शत्रुंजय पहाड़ी पर पिछली 'फागन फेरी' के दौरान वन विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया और कहा कि जैन समुदाय के लोगों ने इसकी तारीफ की थी।

श्री आनंदजी कल्याणजी पेढ़ी के प्रतिनिधियों ने कहा कि पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के मामलों में वन विभाग के साथ काम करने का उनका अनुभव हमेशा अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन ने तीर्थयात्रियों से लगातार अपील की है कि वे अनुशासन और शांति के साथ अपनी यात्रा करें और वन्यजीवों को परेशान न करें।

उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मदद के लिए हमेशा मौजूद रहे हैं।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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