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ग्वालियर सेंट्रल जेल के अधीक्षक को व्हाट्सएप कॉल से ब्लैकमेल करने का प्रयास, निलंबित प्रहरी पर शक


ग्वालियर, 15 जून (आईएएनएस)। ग्वालियर केंद्रीय जेल के अधीक्षक विदित सरवैया को व्हाट्सएप कॉल, चैट और कथित वीडियो क्लिप्स के जरिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जेल अधीक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जेल मुख्यालय को जानकारी देने के साथ ही बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामले में एक निलंबित जेल प्रहरी और एक पूर्व कैदी पर संदेह जताया गया है।

ग्वालियर, 15 जून (आईएएनएस)। ग्वालियर केंद्रीय जेल के अधीक्षक विदित सरवैया को व्हाट्सएप कॉल, चैट और कथित वीडियो क्लिप्स के जरिए ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जेल अधीक्षक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और जेल मुख्यालय को जानकारी देने के साथ ही बहोड़ापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामले में एक निलंबित जेल प्रहरी और एक पूर्व कैदी पर संदेह जताया गया है।

जानकारी के अनुसार, जेल अधीक्षक विदित सरवैया को कुछ अज्ञात मोबाइल नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और संदेश प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने जेल परिसर के अंदर के कथित वीडियो भेजते हुए दबाव बनाने और ब्लैकमेलिंग का प्रयास किया। इसके साथ ही पैसे की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जेल अधीक्षक विदित सरवैया ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, "उन्हें भेजे गए वीडियो जेल के अंदर के हो सकते हैं, लेकिन उन्हें किसने बनाया और बाहर तक कैसे पहुंचाया गया, इसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर दो लोगों पर संदेह है। इनमें एक पवन शर्मा नामक निलंबित जेल प्रहरी है, जबकि दूसरा व्यक्ति जेल से रिहा हो चुका पूर्व कैदी रिशपाल बघेल बताया जा रहा है।"

सरवैया ने आगे कहा, "जिन लोगों पर संदेह है, उन्हीं की ओर से पैसों की मांग किए जाने की बात सामने आई है। इसकी शिकायत पुलिस और जेल मुख्यालय दोनों को दे दी गई है। जिस दिन पैसे मांगने की बात सामने आई, उसके अगले ही दिन पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई थी।"

उन्होंने आगे कहा कि वीडियो संभवतः सुनियोजित तरीके से तैयार किए गए हैं। हालांकि वीडियो में कोई स्पष्ट संवेदनशील गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है, लेकिन जेल के अंदर से इस तरह का वीडियो बाहर आना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी पूरे मामले की जांच करेंगे।

वहीं, बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया, "जेल अधीक्षक की ओर से एक शिकायती आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत में दो अज्ञात नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है। पुलिस तकनीकी जांच कर रही है और कॉल करने वालों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।"

--आईएएनएस

एससीएच/पीएम

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