हैदराबाद, 7 अगस्त (आईएएनएस)। हैदराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने जुलाई में 15 राज्यों से 49 लोगों को 25 साइबर अपराध मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस ने पीड़ितों को 98,89,202 रुपए सफलतापूर्वक वापस कर दिए।
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हैदराबाद, 7 अगस्त (आईएएनएस)। हैदराबाद की साइबर अपराध पुलिस ने जुलाई में 15 राज्यों से 49 लोगों को 25 साइबर अपराध मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस ने पीड़ितों को 98,89,202 रुपए सफलतापूर्वक वापस कर दिए।
पुलिस ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि साइबर अपराध पुलिस स्टेशन को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर कई शिकायतें मिलीं, जिनमें से 70 एफआईआर दर्ज की गईं।
गिरफ्तार किए गए 49 लोगों के मामलों की प्रकृति में ट्रेडिंग धोखाधड़ी (29 आरोपी), सोशल मीडिया धोखाधड़ी (5), डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी (3), व्हाट्सएप डीपी धोखाधड़ी (3), वैवाहिक धोखाधड़ी (2), और एक-एक आरोपी पर एपीके धोखाधड़ी, क्रिप्टो ट्रेडिंग में प्रतिरूपण, निवेश धोखाधड़ी, नौकरी धोखाधड़ी, पॉक्सो और पुराने सिक्के खरीदने का आरोप है।
राज्यवार विवरण के अनुसार तेलंगाना (13), महाराष्ट्र (7), राजस्थान (6), पश्चिम बंगाल (5), उत्तर प्रदेश (4), बिहार (3), दिल्ली (2), हरियाणा (2), झारखंड (2), आंध्र प्रदेश (1), कर्नाटक (1), ओडिशा (1), पंजाब (1) और उत्तराखंड (1) गिरफ्तारी की गई।
इन अभियानों के दौरान, साइबर अपराध पुलिस ने 25 डेबिट कार्ड, 23 मोबाइल, 9 चेकबुक, 7 पासबुक, 5 रबर स्टैम्प, 3 लैपटॉप, 2 पैन कार्ड, 2 किराये के समझौते, 1 संयुक्त अरब अमीरात निवासी पहचान पत्र, 1 क्रेडिट कार्ड और 1 पासपोर्ट जब्त किए।
वित्तीय नुकसान और प्रमुख मामलों की श्रेणियों में वापसी के विवरण के अनुसार, ट्रेडिंग धोखाधड़ी (25 मामले) में 11,75,83,416 रुपए का नुकसान हुआ और 58,23,217 रुपए वापस किए गए। एपीके धोखाधड़ी (3 मामले) में 13,19,218 रुपए का नुकसान हुआ और 8,75,386 रुपए वापस किए गए। निवेश धोखाधड़ी (3 मामले) में 1,50,79,585 रुपए का नुकसान हुआ और 12,78,136 रुपए वापस किए गए।
इसी दौरान, क्षेत्रीय साइबर प्रकोष्ठों को 2,059 एनआरसीआरपी याचिकाएं प्राप्त हुईं, 298 एफआईआर दर्ज की गईं, 5 मामलों में 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और पीड़ितों को 27,09,320 रुपए वापस किए गए।
साइबर गश्ती के प्रयासों के परिणामस्वरूप 1,086 सोशल मीडिया प्रोफाइल और 2,553 सशुल्क प्रचार विज्ञापन हटाए गए हैं, और प्रमोटरों के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं। सी-मित्र पहल के तहत, पीड़ितों को मार्गदर्शन के लिए 1,537 कॉल किए गए और 231 जीरो एफआईआर दर्ज की गईं।
एक महत्वपूर्ण मामले में ट्रेडिंग धोखाधड़ी का पता चला, जिसमें जालसाजों ने प्रतिनिधि की प्रोफाइल तस्वीर का उपयोग करके भूमि बायो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के व्हाट्सएप संचार को हैक कर लिया और लेखा टीम को आरटीजीएस के माध्यम से इंडसइंड बैंक में एकेके कॉन्ट्रैक्टर्स को 25 लाख रुपए हस्तांतरित करने के लिए प्रेरित किया।
एनसीआरपी की शिकायत पर, पुलिस ने आरोपी अभिनंदन कुमार कामत, लेखाकार, निवासी गुरुग्राम, हरियाणा को गिरफ्तार किया।
--आईएएनएस
एमएस/
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