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हम भी जंग के लिए तैयार हैं, आप शुरू तो कर सकते हैं, खत्म नहीं : ईरानी राजदूत

नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने दोनों देशों के बीच 'ऐतिहासिक संबंधों' का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि तेहरान ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है। हालांकि, उन्होंने आगे की ऑपरेशनल जानकारी शेयर करने से मना कर दिया।

नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने दोनों देशों के बीच 'ऐतिहासिक संबंधों' का हवाला देते हुए शनिवार को कहा कि तेहरान ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है। हालांकि, उन्होंने आगे की ऑपरेशनल जानकारी शेयर करने से मना कर दिया।

नई दिल्ली में सालाना इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा, "हां, हमने इजाजत दी है, लेकिन मैं आपको यह नहीं बताऊंगा कि कितने। भारत में ईरान के राजदूत के तौर पर, मैं भविष्य में भी इस मामले को फॉलो करूंगा क्योंकि ईरान और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं। बेशक, एक राजदूत के तौर पर, मैंने अपनी पूरी कोशिश की है। थोड़ी देरी हुई, लेकिन यह हुआ।"

ईरानी राजदूत का यह बयान उन खबरों के बीच आया है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी गई है। दो टैंकर, शिवालिक और नंदा देवी, कुछ दिनों में देश पहुंचने वाले हैं। ये जहाज सरकारी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के हैं।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे जरूरी शिपिंग लेन में से एक हैं, जिससे दुनिया का 20 फीसदी तेल और गैस एक्सपोर्ट होता है। भरोसेमंद सूत्रों ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि दो एलपीजी कैरियर के सुरक्षित निकलने के बाद अन्य टैंकर युद्ध प्रभावित इलाके को पार करने के लिए लाइन में हैं।

ईरानी राजदूत ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस को निशाना बनाने के तेहरान के फैसले का भी बचाव किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टॉमहॉक मिसाइल, जिसने ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हमला किया और लगभग 170 स्टूडेंट्स को मार डाला, इस इलाके में एक अमेरिकी बेस से लॉन्च की गई थी।

ईरानी राजदूत ने कहा, "हमने घोषणा की है कि आपको असल में छुआ नहीं जाएगा। आपकी संपत्ति, आपके देश के अंदर जो कुछ भी है, लेकिन, हमने उनसे पूछा कि जब हमारे किसी स्कूल, पर अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों का हमला हो तो हमें क्या करना चाहिए। हम उनका पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन हम निश्चित रूप से अमेरिकी बेस को निशाना बनाएंगे। यह बहुत बुरा है कि हमने इन स्कूलों पर पड़ोसी देशों में से एक के बेस से लॉन्च की गई मिसाइलों से हमला होते देखा।"

राजदूत ने जोर देकर कहा कि तेहरान ने बार-बार कहा है कि वह बातचीत और युद्ध दोनों के लिए तैयार है। ईरानी डिप्लोमैट ने शनिवार को कार्यक्रम में कहा, "हमने कई बार ऐलान किया है। ईरान बातचीत और जंग के लिए तैयार है, लेकिन हम बातचीत को ज्यादा पसंद करते हैं।"

उन्होंने कहा, "हम भी जंग के लिए तैयार हैं। लेकिन सावधान रहें, आप शुरू तो कर सकते हैं, लेकिन खत्म नहीं कर सकते।"

उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच फोन पर हुई बातचीत के बारे में भी बात की और बताया कि चल रही लड़ाई के दौरान आ रही तकनीकी दिक्कतों की वजह से कॉल में देरी हुई।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

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