नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इनके दामन पर कितने काले धब्बे थे, मैं बताना नहीं चाहता। भारत बदल रहा है और अच्छा होगा कि वह भी खुद को बदलें, नहीं तो जनता छोड़ने वाली नहीं है।
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नई दिल्ली, 20 सितंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इनके दामन पर कितने काले धब्बे थे, मैं बताना नहीं चाहता। भारत बदल रहा है और अच्छा होगा कि वह भी खुद को बदलें, नहीं तो जनता छोड़ने वाली नहीं है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में विनोद बंसल ने कहा कि हामिद अंसारी जैसे लोग अनेक देशों में भारत के राजदूत रहे, देश ने उन्हें सिर-आंखों पर बैठाते हुए उपराष्ट्रपति की जिम्मेदारी दो-दो बार दी लेकिन जाते समय इन्होंने जिस तरह से मुसलमानों के प्रति डराने वाला राग अलापा और जब उपराष्ट्रपति थे, तब कितनी बार इन्होंने पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठनों के कार्यक्रमों में भाग लिया, कौन नहीं जानता।
उन्होंने कहा कि जब हामिद अंसारी राजदूत थे तो इनके दामन पर कितने काले धब्बे थे, मैं बताना नहीं चाहता। आज उनको बहुसंख्यक हिंदू समाज के अंदर खोट नजर आता है। जिस समाज ने इनको सिर-आंखों पर बैठाया। जिस समाज की स्वीकृति के कारण ही आज दुनिया के अंदर सर्वाधिक मुसलमान और दुनिया की सर्वाधिक मस्जिदें भारत के अंदर हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि किस ख्वाब में जी रहे हैं हामिद अंसारी जैसे लोग, भारत विरोधी मानसिकता से ग्रसित होकर मुस्लिम समाज को भड़का कर कौन सा उल्लू सीधा करना चाहते हैं, यह कौन नहीं जानता है। भारत बदल रहा है और आपको भी बदलना चाहिए, नहीं तो जनता छोड़ेगी नहीं। पहले श्री राम जन्मभूमि के ऐतिहासिक फैसला की भी आलोचना की और अब हिंदू समाज पर अनर्गल प्रलाप कर पुनः अपनी कट्टरपंथी मानसिकता को दर्शा रहे हो। भारत को खतरा सनातन हिंदू समाज से नहीं, जिहादी कट्टरता, मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति और आपके जैसे लोगों की कट्टरपंथी और भारत विरोधी भड़काऊ सोच से है।
डूसू चुनाव में एबीवीपी की तीन सीटों पर मिली जीत पर विनोद बंसल ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव जीतने पर एबीवीपी और सभी जीते हुए लोगों को बधाई व शुभकामनाएं। आशा है कि संगठन को मिले इस अभूतपूर्व युवा जनादेश का लाभ न सिर्फ डीयू के छात्र ही नहीं अपितु देश की संपूर्ण युवा शक्ति को मिलेगा तथा राष्ट्र, धर्म, संस्कार और संस्कृति का परचम देशभर की इस नई पीढ़ी में लहराएगा।
--आईएएनएस
डीकेएम/
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