
आध्यात्म. चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर देशभर में हनुमान जयंती का पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं. वास्तु शास्त्र में हनुमान जी की तस्वीर लगाने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पातीं.
किस दिशा में लगाएं हनुमान जी की तस्वीर?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर दिशा में हनुमान जी की तस्वीर लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है. उत्तर दिशा को नकारात्मक शक्तियों और भय की दिशा माना जाता है, ऐसे में यहाँ हनुमान जी की उपस्थिति घर को 'नजर दोष' और भूत-प्रेत जैसी बाधाओं से सुरक्षित रखती है. इससे परिवार के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ता है और मन का डर खत्म होता है.
भूलकर भी यहाँ न लगाएं तस्वीर: रखें इन 3 बातों का ध्यान
हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, इसलिए उनकी तस्वीर लगाते समय मर्यादा का ध्यान रखना अनिवार्य है:
बेडरूम (शयनकक्ष): हनुमान जी की तस्वीर कभी भी बेडरूम में नहीं लगानी चाहिए. ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ सकती हैं और इसे अशुभ माना जाता है.
सीढ़ियों के नीचे: कभी भी सीढ़ियों के नीचे या स्टोर रूम जैसी अंधेरी जगहों पर प्रभु की तस्वीर न लगाएं.
बाथरूम के पास: पवित्रता का ध्यान रखते हुए बाथरूम या शौचालय के आसपास तस्वीर लगाने से बचें.
पंचमुखी और बैठी हुई मुद्रा का महत्व
बैठे हुए हनुमान जी: घर में शांति और स्थिरता के लिए बैठे हुए हनुमान जी की तस्वीर लगानी चाहिए. इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.
पंचमुखी हनुमान: यदि घर में वास्तु दोष हो या बुरी शक्तियों का आभास होता हो, तो मुख्य द्वार के पास दक्षिणमुखी या पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर लगाना सर्वोत्तम है.
स्थापना की सही विधि
हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. इसके बाद हनुमान जी की तस्वीर को गंगाजल से शुद्ध करें. तस्वीर लगाते समय 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का निरंतर जप करें. अंत में धूप-दीप जलाकर प्रभु की आरती करें और संकटों से मुक्ति की प्रार्थना करें.
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